सुर, ताल और तकनीक का संगम: बक्सर में ‘नाद अर्चना’ ने जगाई सांस्कृतिक चेतना
बक्सर शहर शुक्रवार की शाम कला, संस्कृति और संगीत के रंग में पूरी तरह रंग गया। गोयल धर्मशाला में आयोजित संस्कार भारती की संगीत संध्या “नाद अर्चना” सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक के संगम का जीवंत उदाहरण बन गई। शास्त्रीय संगीत, भरतनाट्यम और ग़ज़लों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा, वहीं “कलाकार पोर्टल” के डिजिटल शुभारंभ ने जिले के कलाकारों के लिए नई उम्मीदें जगा दीं।


__ संस्कार भारती ने लॉन्च किया ‘कलाकार पोर्टल’, अब गांव-कस्बों की प्रतिभाओं को मिलेगा डिजिटल मंच
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर शहर शुक्रवार की शाम कला, संस्कृति और संगीत के रंग में पूरी तरह रंग गया। गोयल धर्मशाला में आयोजित संस्कार भारती की संगीत संध्या “नाद अर्चना” सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह पारंपरिक कला और आधुनिक तकनीक के संगम का जीवंत उदाहरण बन गई। शास्त्रीय संगीत, भरतनाट्यम और ग़ज़लों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा, वहीं “कलाकार पोर्टल” के डिजिटल शुभारंभ ने जिले के कलाकारों के लिए नई उम्मीदें जगा दीं।कार्यक्रम की शुरुआत संस्कार भारती के ध्येय गीत से हुई। संगीत गुरु बिकेश शास्त्री ने अपनी छात्राओं के साथ तबला वादक अभय नारायण पांडेय की संगत में ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

इसके बाद बनारस घराने के प्रसिद्ध सितार वादक कृष्णा मिश्रा ने सितार के सुरों से ऐसा समां बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।तबले पर प्रशांत मिश्रा की संगत ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया।सांस्कृतिक शाम में पटना से आई युवा कलाकार आद्या सिन्हा ने भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा से रूबरू कराया। अंशु कुमार और नेहा कुमारी की सहभागिता ने प्रस्तुति को और आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में ग़ज़ल गायक राघवेंद्र पांडेय ने अपनी सुरीली आवाज़ से ऐसा माहौल बनाया कि श्रोता झूमने को मजबूर हो गए।

इस अवसर पर संस्कार भारती के जिलाध्यक्ष डॉ. मेजर पी.के. पांडेय ने जिले के कलाकारों के लिए तैयार किए गए “कलाकार पोर्टल” का डिजिटल शुभारंभ किया। कंप्यूटर शिक्षक विजय भूषण सिंह के सहयोग से विकसित इस पोर्टल का उद्देश्य जिले के पुराने और नवोदित कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी प्रतिभा को पहचान और अवसर मिल सके। आयोजकों का कहना है कि यह पोर्टल गांवों और कस्बों में छिपी प्रतिभाओं को भी मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा।डॉ. मेजर पी.के. पांडेय ने कहा कि संस्कार भारती लगातार ऐसी पहल कर रही है जिससे नई पीढ़ी भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में कला को नया मंच देने की जरूरत है और “कलाकार पोर्टल” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सी.एम. सिंह, श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष डॉ. शशांक शेखर और सैनिक संघ के उपाध्यक्ष विद्यासागर चौबे सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच संचालन डॉ. अनुराग मिश्रा ने किया। सभी कलाकारों को अंगवस्त्र, फूलमाला और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के संयोजक अभिनव कुमार और निवेदक रोहतास गोयल रहे। आयोजन को सफल बनाने में महामंत्री गुलशन सिंह, कोषाध्यक्ष निकेश पांडेय, मंत्री अंकुर श्रीवास्तव समेत संस्कार भारती के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

