नाव निबंधन व अनुज्ञप्ति के लिए विशेष शिविर, 41 आवेदन प्राप्त

जिलाधिकारी साहिला के निर्देशानुसार बक्सर अनुमंडल क्षेत्र में नावों के निबंधन एवं नाविकों को परिचालन हेतु अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बक्सर प्रखंड के रामरेखा घाट तथा चौसा प्रखंड के महादेव घाट पर आयोजित हुआ, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।

नाव निबंधन व अनुज्ञप्ति के लिए विशेष शिविर, 41 आवेदन प्राप्त

__ रामरेखा घाट व महादेव घाट पर 7 मई को फिर लगेगा कैंप, बिना निबंधन नाव चलाना होगा दंडनीय

केटी न्यूज/बक्सर:

जिलाधिकारी साहिला के निर्देशानुसार बक्सर अनुमंडल क्षेत्र में नावों के निबंधन एवं नाविकों को परिचालन हेतु अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर बक्सर प्रखंड के रामरेखा घाट तथा चौसा प्रखंड के महादेव घाट पर आयोजित हुआ, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही।शिविर में राजस्व अधिकारी बक्सर, नगर परिषद बक्सर के नगर प्रबंधक, मोटरयान निरीक्षक, राजस्व अधिकारी चौसा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही नाविकों से आवेदन प्राप्त कर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य गंगा नदी में संचालित हो रही नावों को विधिवत निबंधित करना और सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 06 मई को आयोजित इस शिविर में बक्सर अनुमंडल क्षेत्र से कुल 41 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं चौसा अंचल क्षेत्र से केवल एक आवेदन जमा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभी कई नाविकों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है, जिन्हें अगले शिविर में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष शिविर 07 मई को पुनः आयोजित किया जाएगा। यह शिविर पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक रामरेखा घाट बक्सर एवं महादेव घाट चौसा में लगाया जाएगा। इस दौरान शेष सभी नाविकों से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।गौरतलब है कि गंगा नदी में बड़ी संख्या में नावों का संचालन होता है, जिससे आम जनजीवन और आवागमन जुड़ा हुआ है।

ऐसे में सभी नावों का निबंधन कराना अत्यंत आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिया है कि छोटे या बड़े सभी प्रकार के नावों का अनिवार्य रूप से निबंधन कराया जाए। बिना निबंधन के नाव संचालन को दंडनीय अपराध माना जाएगा। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई नाविक बिना निबंधन और अनुज्ञप्ति के नाव चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन की इस पहल को सुरक्षा और व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।