Monday, 2 November 2026
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रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

प्रखंड क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संचालित योजनाओं में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने और मास्टर रोल में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी का मामला लगातार सामने आ रहा है। सरकार द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सेंधमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में प्रखंड के कतीकनार गांव में ऐसा ही मामला उजागर हुआ था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मियों के हौसले और बढ़ गए हैं।

रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित  एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

--मनरेगा में ऑनलाइन हाजिरी के बावजूद सेंधमारी जारी, मास्टर रोल से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना  के तहत संचालित योजनाओं में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने और मास्टर रोल में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी का मामला लगातार सामने आ रहा है। सरकार द्वारा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर सेंधमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में प्रखंड के कतीकनार गांव में ऐसा ही मामला उजागर हुआ था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मियों के हौसले और बढ़ गए हैं।ताजा मामला प्रखंड के ग्राम पंचायत रामपुर से जुड़ा है, जहां अनुमोदित मनरेगा योजना में खुलेआम नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित  एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

ग्राम पंचायत रामपुर की योजना संख्या 20575946 के अंतर्गत जयरामपुर पुल से सुगनी यादव के डेरा तक मिट्टी कटाई कार्य कराया जा रहा है। इस योजना से संबंधित मास्टर रोल संख्या 2216 में केवल एक महिला मजदूर का नाम दर्ज है, लेकिन 20 जनवरी को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते समय एक महिला के स्थान पर चार महिलाओं तथा नौ पुरुष मजदूरों के स्थान पर पांच पुरुषों की उपस्थिति का फोटो विभागीय पोर्टल पर दर्ज कर दी गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गहनता से जांच की जाए तो ऐसे दर्जनों मास्टर रोल सामने आ सकते हैं, जिनमें इसी तरह की हेराफेरी की गई है।

रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित  एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

आरोप है कि पूर्व में भी कई योजनाओं में फर्जी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर मजदूरों के नाम पर राशि की निकासी की गई है। यह न केवल मजदूरों के हक पर डाका है, बल्कि सरकारी राशि के दुरुपयोग का भी गंभीर मामला है।गौरतलब है कि मनरेगा में भ्रष्टाचार रोकने के उद्देश्य से सरकार ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की थी, ताकि जितने मजदूर कार्यस्थल पर काम करें, उसी के अनुसार मास्टर रोल बने और भुगतान हो। इसके बावजूद इस तरह की गड़बड़ी सामने आना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।

रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित  एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

इस संबंध में कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा गौरव कुमार ने बताया कि यदि इस प्रकार का मामला सामने आता है और जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सवाल यह है कि इतनी कड़ी मॉनिटरिंग और तकनीकी व्यवस्था के बावजूद यह सेंधमारी कैसे हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसमें कहीं न कहीं कर्मियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है। फिलहाल मनरेगा में पारदर्शिता के दावों पर यह मामला बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।

रामपुर में मनरेगा से संचालित योजना में चयनित  एक महिला की उपस्थिति के बदले चार महिलाओं की उपस्थिति की गई दर्ज

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