24 घंटे से अंधेरे में डुमरांव: बिजली ठप, पानी संकट गहराया, सड़क पर उतरे लोग

बुधवार रात आई तेज आंधी-तूफान के बाद डुमरांव शहर की तस्वीर अब भी सामान्य नहीं हो सकी है। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद कई वार्डों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख राजगढ़ चौक पर लगभग 300 वर्ष पुराना विशाल पेड़ गिरने के बाद से हालात बिगड़ गए हैं, लेकिन राहत और बहाली कार्यों की रफ्तार बेहद सुस्त बताई जा रही है।

24 घंटे से अंधेरे में डुमरांव: बिजली ठप, पानी संकट गहराया, सड़क पर उतरे लोग

__ 300 साल पुराने पेड़ के गिरने से ठप सप्लाई, पूर्व विधायक ने प्रशासन पर साधा निशाना

केटी न्यूज/डुमरांव

बुधवार रात आई तेज आंधी-तूफान के बाद डुमरांव शहर की तस्वीर अब भी सामान्य नहीं हो सकी है। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद कई वार्डों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे लोगों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख राजगढ़ चौक पर लगभग 300 वर्ष पुराना विशाल पेड़ गिरने के बाद से हालात बिगड़ गए हैं, लेकिन राहत और बहाली कार्यों की रफ्तार बेहद सुस्त बताई जा रही है।बिजली गुल होने का असर सिर्फ रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जलापूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई मोहल्लों में पानी की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भटकना पड़ रहा है। गर्मी के इस दौर में बिजली और पानी की दोहरी मार ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

स्थिति से नाराज लोगों का धैर्य गुरुवार को जवाब दे गया। डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजित कुमार सिंह स्थानीय नागरिकों के साथ राजगढ़ चौक पर धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर सक्रिय नहीं दिखे, जिससे समस्या और गंभीर होती चली गई।पूर्व विधायक ने कहा कि अगर समय रहते पेड़ की स्थिति को लेकर सतर्कता बरती जाती और वन विभाग तथा बिजली विभाग के बीच समन्वय होता, तो इतनी लंबी बाधा नहीं आती। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली को “लापरवाह और असंवेदनशील” बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो पेड़ हटाने का काम तेजी से हो रहा है और न ही बिजली बहाल करने की दिशा में ठोस प्रयास दिख रहे हैं। कई जगहों पर बिजली के तार अब भी पेड़ के नीचे दबे हुए हैं, जिससे खतरा भी बना हुआ है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। फिलहाल शहर के लोग राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं, लेकिन हालात कब सामान्य होंगे, इस पर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।