डुमरांव जाम में जकड़ा: तीन महीने की मरम्मत ने बढ़ाई मुसीबत

डुमरांव नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलती नहीं दिख रही है। बीते तीन माह से डुमरांवदृबिक्रमगंज एनएच-120 पर चल रहा सड़क मरम्मतिकरण कार्य लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का सबब बन गया है। कार्य की धीमी गति, अव्यवस्थित खुदाई और समन्वय के अभाव ने नगर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन स्कूली छात्र, व्यापारी, मरीज और राहगीर घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं।

डुमरांव जाम में जकड़ा: तीन महीने की मरम्मत ने बढ़ाई मुसीबत

-- एनएच-120 पर सुस्त काम, संवेदक की मनमानी और विभागीय उदासीनता से आमजन बेहाल

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जाम की समस्या से निजात मिलती नहीं दिख रही है। बीते तीन माह से डुमरांवदृबिक्रमगंज एनएच-120 पर चल रहा सड़क मरम्मतिकरण कार्य लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का सबब बन गया है। कार्य की धीमी गति, अव्यवस्थित खुदाई और समन्वय के अभाव ने नगर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह चरमरा दिया है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन स्कूली छात्र, व्यापारी, मरीज और राहगीर घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं।

-- भारी वाहन बंद होने के बावजूद अधूरा काम

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एनएच-120 पर भारी वाहनों का परिचालन बंद किया गया था, उसी समय मरम्मतिकरण का कार्य तेजी से पूरा कर लिया जाना चाहिए था। लेकिन संवेदक की मनमानी और संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण काम जानबूझकर खींचा गया। नतीजतन, व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, पढ़ाई बाधित हो रही है और आमजन का धैर्य जवाब देने लगा है।

-- स्टेशन रोड बना जाम का केंद्र

जाम की सबसे गंभीर स्थिति स्टेशन रोड पर देखने को मिल रही है। राज हाईस्कूल के खेल मैदान के पास और महरौरा मोड़ के समीप सड़क पर गड्ढों की खुदाई कर दी गई है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। इन दोनों स्थानों पर वन-वे की स्थिति बन गई है। जाम नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। एक तरफ से वाहनों को रोककर दूसरी तरफ से निकाला जा रहा है, जिससे जाम और अधिक लंबा लग रहा है।

-- शुरुआत में व्यवस्था होती तो हालात न बिगड़ते

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि खुदाई और यातायात प्रबंधन की योजना पहले से बनाई गई होती तो जाम की समस्या इतनी भयावह नहीं होती। बिना वैकल्पिक मार्ग और बिना चरणबद्ध कार्ययोजना के सड़क को खोद देना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

-- जलजमाव पर भी नहीं ध्यान

स्टेशन रोड की एक और बड़ी समस्या जलजमाव है। हल्की बारिश में भी सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। इस मुद्दे पर जब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सड़क एनएच के अंतर्गत आती है, इसलिए नगर परिषद इसमें कोई कार्य नहीं करा सकती। विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने का यह रवैया जनता की परेशानी को और बढ़ा रहा है।

-- बोले विधायक मॉनिटरिंग जारी, स्थायी समाधान की तैयारी

इस संबंध में स्थानीय विधायक राहुल कुमार ने बताया कि सड़क मरम्मतिकरण कार्य की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस माह लोगों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ेगी, क्योंकि मां डुमरेजिन मोड़ से पुरानाभोजपुर चौक तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क की मरम्मति चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मार्ग के पूर्ण निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है। सड़क के साथ-साथ नाली निर्माण की भी योजना है, जिससे भविष्य में जलजमाव की समस्या समाप्त हो सकेगी।

-- जनता का सवालरू कब मिलेगी राहत

हालांकि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि डुमरांव की जनता हर दिन जाम की पीड़ा झेल रही है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कब यह मरम्मत कार्य पूरा होगा और कब उन्हें जाम से स्थायी राहत मिलेगी।