फाउंडेशन स्कूल डुमरांव का वार्षिकोत्सव ’उमंग’ बना शिक्षा, संस्कृति और सृजन का उत्सव

शिक्षा, संस्कृति और सृजनात्मकता की त्रिवेणी में सराबोर फाउंडेशन स्कूल, डुमरांव का प्रांगण उस समय जीवंत हो उठा, जब विद्यालय का वार्षिकोत्सव “उमंग” अत्यंत भव्य, गरिमामयी एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और सर्वांगीण विकास का सशक्त मंच बनकर सामने आया।

फाउंडेशन स्कूल डुमरांव का वार्षिकोत्सव ’उमंग’ बना शिक्षा, संस्कृति और सृजन का उत्सव

-- नन्हें कदमों से लेकर सशक्त प्रस्तुति तक, हर रंग में दिखी प्रतिभा की चमक

केटी न्यूज/डुमरांव

शिक्षा, संस्कृति और सृजनात्मकता की त्रिवेणी में सराबोर फाउंडेशन स्कूल, डुमरांव का प्रांगण उस समय जीवंत हो उठा, जब विद्यालय का वार्षिकोत्सव “उमंग” अत्यंत भव्य, गरिमामयी एवं भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, अनुशासन और सर्वांगीण विकास का सशक्त मंच बनकर सामने आया।

-- दीप प्रज्ज्वलन से हुआ गरिमामयी शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डुमरांव के अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार, विद्यालय के निदेशक मनोज कुमार चतुर्वेदी तथा प्राचार्य प्रतीक कुमार चतुर्वेदी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दीपों की ज्योति के साथ ही पूरा वातावरण प्रेरणा, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित हो गया।

-- स्वागत भाषण और प्रेरक संदेश

समारोह की औपचारिक शुरुआत शिक्षिकाएं रागिनी चतुर्वेदी एवं दीक्षा चतुर्वेदी के सुसंस्कृत एवं आत्मीय स्वागत भाषण से हुई। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य प्रतीक कुमार चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों की सजीव एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के नैतिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक विकास के लिए सतत प्रतिबद्ध है।

-- नन्हें कलाकारों की मासूम अदाएं, सांस्कृतिक रंगों की छटा

कक्षा नर्सरी एवं एलकेजी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी मासूम अदाओं और तालबद्ध कदमों पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। वहीं, भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों को एक सूत्र में पिरोकर प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम ने समारोह में चार चांद लगा दिए।

-- काव्य पाठ ने बांधा समां

छात्रा सुरभि पटेल ने अपने जोशीले और प्रभावशाली काव्य पाठ के माध्यम से शिशुपाल वध का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया। उनकी ओजपूर्ण वाणी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार देर तक तालियों की गूंज से भर उठा।

-- कुशल निर्देशन ने बढ़ाई प्रस्तुतियों की गरिमा

पूरे कार्यक्रम का समग्र निर्देशन बब्बू सर एवं रौशनी मैम के कुशल, सुदृढ़ एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके सुस्पष्ट निर्देशन ने प्रत्येक प्रस्तुति को अनुशासन, सौंदर्य और उत्कृष्टता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

-- सामूहिक प्रयास से मिली ऐतिहासिक सफलता

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की हर प्रस्तुति ने अभिभावकों एवं अतिथियों के हृदय में उमंग, उत्सुकता और गर्व का संचार किया। इस सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। सभी के सामूहिक प्रयास और समर्पण से “उमंग” वार्षिकोत्सव एक अविस्मरणीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में यादगार बन गया।इस आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं  आरसी ओझा (शैक्षणिक समन्वयक) संदीप चतुर्वेदी, राजेंद्र सिंह, पुरुषोत्तम तिवारी, वीरेंद्र दुबे, नीलिमा चौबे, विनोद उपाध्याय, केके पांडे, उमाकांत पांडे, नीतीश कुमार, रेखा मेहता, पूजा गोस्वामी, नेहा यादव, सुमित ठाकुर, शालू चौबे, श्रद्धा प्रिया, दया सिंह, एकता सिंह, लक्ष्मी गोंड, प्रीति गुप्ता, तनु सिंह, अभिषेक कुमार तिवारी, नदीम खान, शिवानी दुबे, अदिति सिंह, अजीत पांडे, आस्था कुमारी, कुमारी सोनाली, करिश्मा, नमो मिश्रा, चंदा आचार्य शर्मा, गुंजा गुप्ता, गौतम दुबे, सच्चिदानंद, सुनील चौबे, अमित कुमार मिश्रा एवं विनीत कुमार, का सराहनीय योगदान रहा। समारोह का समापन प्राचार्य प्रतीक कुमार चतुर्वेदी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।