चौसा के प्रमुख चौराहों पर सुविधाओं का अभाव, महिलाओं व राहगीरों को रोजाना परेशानी
नगर पंचायत चौसा के प्रमुख चौराहों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी अब लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। नगर के व्यस्ततम क्षेत्रों दुर्गा मंदिर चौक, यादव मोड़ और अखौरीपुर गोला तिमुहानी जैसे स्थानों पर सार्वजनिक यूरिनल और सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों, दुकानदारों तथा स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
__ दुर्गा मंदिर चौक, यादव मोड़ व अखौरीपुर गोला तिमुहानी पर शौचालय नहीं, अतिक्रमण से बढ़ी जाम की समस्या
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत चौसा के प्रमुख चौराहों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी अब लोगों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। नगर के व्यस्ततम क्षेत्रों दुर्गा मंदिर चौक, यादव मोड़ और अखौरीपुर गोला तिमुहानी जैसे स्थानों पर सार्वजनिक यूरिनल और सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों, दुकानदारों तथा स्थानीय लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।इन स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग बाजार, बैंक, विद्यालय और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद स्वच्छता और जनसुविधा से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं अब तक नहीं की जा सकी हैं।

खासकर महिलाओं और छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जरूरत पड़ने पर उन्हें असुविधाजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिससे शर्मिंदगी भी होती है।दुर्गा मंदिर चौक के आसपास बालिका उच्च विद्यालय तथा मध्य विद्यालय स्थित होने के कारण यहां छात्राओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार आसपास के परिवार मानवीय आधार पर मदद करते हैं, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। सार्वजनिक शौचालय की अनुपलब्धता लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है।वहीं दूसरी ओर प्रमुख चौराहों पर बढ़ते अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। सड़क किनारे अस्थायी कब्जों के कारण रास्ते संकरे हो गए हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।

वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को आवाजाही में परेशानी होती है। कुछ समय पूर्व अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन अभियान अधूरा रह जाने से समस्या फिर जस की तस हो गई।स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख चौक-चौराहों पर तत्काल सार्वजनिक यूरिनल, सामुदायिक शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही नियमित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो नगर की छवि पर इसका प्रतिकूल असर पड़ता रहेगा।

