महिला की अस्मिता पर हमला पड़ा भारी, चार साल पुराने मामले में आरोपी को जेल
महिला के साथ दुर्व्यवहार और जबरन घर में घुसने के मामले में अदालत ने कड़ा संदेश देते हुए आरोपी को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। चार वर्ष पुराने इस मामले में सुनाए गए फैसले को महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े अपराधों पर न्यायपालिका के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

--ब्रह्मपुर के चर्चित प्रकरण में अदालत का सख्त रुख, अर्थदंड भी लगाया
केटी न्यूज/बक्सर
महिला के साथ दुर्व्यवहार और जबरन घर में घुसने के मामले में अदालत ने कड़ा संदेश देते हुए आरोपी को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। चार वर्ष पुराने इस मामले में सुनाए गए फैसले को महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े अपराधों पर न्यायपालिका के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।स्थानीय व्यवहार न्यायालय के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत ने बुधवार को ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने बड़की नैनीजोर गांव निवासी यज्ञ नारायण राम को महिला से अभद्र व्यवहार करने और उसके घर में अवैध रूप से प्रवेश करने का दोषी पाया।

जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुर थाना में वर्ष 2022 में कांड संख्या 325/22 दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 448 और 354(बी) के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े साक्ष्य, गवाहों की गवाही और अनुसंधान से संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।मुख्य अभियोजक हरीश कुमार ने बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को महिला की मर्यादा भंग करने के अपराध में एक वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

वहीं, घर में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में तीन माह के सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है।अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। फैसले के बाद न्यायिक गलियारों में यह चर्चा रही कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मामलों में न्यायालय किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी बरतने के पक्ष में नहीं है। यह निर्णय ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष के लिए न्याय और समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।

