चार्जशीट में ढाई साल की देरी पर कोर्ट सख्त, बक्सर एसपी को आईओ पर कार्रवाई का निर्देश
मुकदमे की जांच में लापरवाही और न्यायिक प्रक्रिया में देरी को लेकर बक्सर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने औद्योगिक थाना कांड संख्या 153/2021 में अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) अभय कुमार सिंह की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है।

केटी न्यूज/बक्सर।
मुकदमे की जांच में लापरवाही और न्यायिक प्रक्रिया में देरी को लेकर बक्सर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने औद्योगिक थाना कांड संख्या 153/2021 में अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) अभय कुमार सिंह की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है। साथ ही पांच हजार रुपये की लागत उनके वेतन से वसूलने का आदेश दिया गया है।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की चार्जशीट 28 अगस्त 2023 को ही तैयार कर ली गई थी, लेकिन उसे न्यायालय में 19 जून 2026 को दाखिल किया गया।

लगभग तीन साल की इस देरी के कारण मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। कोर्ट ने कहा कि इतनी लंबी देरी का कोई संतोषजनक कारण भी अनुसंधान पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया।अदालत ने बताया कि कई बार मामले की प्रगति रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद थाना प्रभारी की व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश देना पड़ा। न्यायालय के सख्त रुख के बाद ही चार्जशीट दाखिल की गई।सुनवाई के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। पीड़िता की मूल मेडिकल रिपोर्ट की जगह केवल उसकी फोटोकॉपी न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जबकि मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का कोई कारण नहीं बताया गया।

कोर्ट ने इसे अनुसंधान प्रक्रिया में गंभीर चूक और न्यायालय के निर्देशों की अनदेखी माना।विशेष न्यायाधीश ने आदेश दिया कि पांच हजार रुपये की अनुकरणीय लागत आईओ अभय कुमार सिंह के वेतन से काटकर 15 दिनों के अंदर सिविल कोर्ट, बक्सर के नजारत में जमा कराई जाए। साथ ही पुलिस अधीक्षक, बक्सर को आदेश के अनुपालन और संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।अदालत की इस कार्रवाई को पुलिस अनुसंधान में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

