नवजात उपचार प्रकरण में अस्पताल प्रबंधक को राहत
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में नवजात शिशुओं के उपचार के दौरान सामने आए चर्चित प्रकरण में अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अफरोज आलम को न्यायालय से राहत मिल गई है। डुमरांव थाना कांड संख्या 148/2026 में नामजद स्वास्थ्य प्रबंधक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) देवेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को उन्हें जमानत प्रदान कर दी।

__डुमरांव थाना में दर्ज प्राथमिकी मामले में सीजेएम कोर्ट ने मंजूर की जमानत
__ बचाव पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार, सीएस के निर्देश पर डीएस ने दर्ज कराई है प्राथमिकी
केटी न्यूज/बक्सर
डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में नवजात शिशुओं के उपचार के दौरान सामने आए चर्चित प्रकरण में अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अफरोज आलम को न्यायालय से राहत मिल गई है। डुमरांव थाना कांड संख्या 148/2026 में नामजद स्वास्थ्य प्रबंधक की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) देवेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को उन्हें जमानत प्रदान कर दी।गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व अनुमंडलीय अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें एक चिकित्सक नवजात बच्चों का इलाज अस्पताल भवन के दरवाजे के समीप करते दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।

इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक द्वारा पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन में कहा गया था कि अस्पताल में बिजली व्यवस्था अत्यंत खराब होने के कारण आपातकालीन और प्रसव सेवाओं को छोड़ अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई थीं। आवेदन में आरोप लगाया गया था कि स्थिति की जानकारी होने के बावजूद स्वास्थ्य प्रबंधक ने आवश्यक पहल नहीं की, जिसके कारण 8 जून को एमएनसीयू में भर्ती नवजातों का उपचार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत करना पड़ा। इसी आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शिवजी राय ने अदालत को बताया कि प्राथमिकी तथ्यों और विधिक आधारों से परे है।

उन्होंने तर्क दिया कि जिस घटना का उल्लेख किया गया है, उसमें उपचार करने वाले चिकित्सक के बजाय एक गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी को अभियुक्त बनाया गया है, जबकि उसका उपचार प्रक्रिया से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए स्वास्थ्य प्रबंधक अफरोज आलम की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। अदालत के इस आदेश के बाद मामले को लेकर नई कानूनी बहस शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

