बरसात के बाद चौसा में बढ़ा संक्रमण का खतरा, सफाई और फॉगिंग व्यवस्था पर उठे सवाल
बरसात के बाद नगर पंचायत चौसा के विभिन्न वार्डों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। जलजमाव और नालियों में जमा गंदगी के कारण लोगों में डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। नगरवासियों का कहना है कि मच्छरों की बढ़ती संख्या के बावजूद सफाई व्यवस्था और बचाव के उपाय अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रहे हैं।

केटी न्यूज/चौसा
बरसात के बाद नगर पंचायत चौसा के विभिन्न वार्डों में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। जलजमाव और नालियों में जमा गंदगी के कारण लोगों में डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों की आशंका बढ़ गई है। नगरवासियों का कहना है कि मच्छरों की बढ़ती संख्या के बावजूद सफाई व्यवस्था और बचाव के उपाय अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रहे हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद कई स्थानों पर नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं, जिससे पानी का निकास बाधित हो रहा है। जगह-जगह ठहरे पानी में मच्छरों का प्रजनन तेजी से हो रहा है। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय में ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध होने के बावजूद वार्डों में नियमित रूप से उसका छिड़काव नहीं कराया जा रहा है।

इससे दुर्गंध के साथ-साथ संक्रमण फैलने की आशंका भी बढ़ती जा रही है।नगरवासियों का यह भी कहना है कि नगर पंचायत के पास फॉगिंग मशीन उपलब्ध होने के बावजूद लंबे समय से किसी भी वार्ड में फॉगिंग अभियान नहीं चलाया गया है। शाम ढलते ही मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि लोगों का घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से सभी वार्डों में तत्काल विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई कराने, जलजमाव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई करने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा फॉगिंग अभियान शुरू करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बरसात के मौसम को देखते हुए नगर पंचायत की ओर से समयबद्ध और नियमित रोकथाम संबंधी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

