पीएचसी में नर्सिंग छात्राओं की पहल: पोस्टर से संवाद तक, कैंसर के खिलाफ जगी उम्मीद
वर्ल्ड कैंसर दिवस के अवसर पर डुमरांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अस्पताल सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि जागरूकता का मंच बन गया। बाबा केदार नाथ नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने यहां एक ऐसा अभियान चलाया, जिसने मरीजों और उनके परिजनों को कैंसर के प्रति सोचने और सतर्क होने के लिए प्रेरित किया। पोस्टर, स्लोगन और सीधे संवाद के जरिए छात्राओं ने यह संदेश दिया कि कैंसर से डरने की नहीं, समझने और समय पर पहचान की जरूरत है।
__ वर्ल्ड कैंसर दिवस पर डुमरांव पीएचसी बना जागरूकता का केंद्र, ग्रामीणों को मिला समय पर जांच का संदेश
केटी न्यूज/डुमरांव
वर्ल्ड कैंसर दिवस के अवसर पर डुमरांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अस्पताल सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि जागरूकता का मंच बन गया। बाबा केदार नाथ नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने यहां एक ऐसा अभियान चलाया, जिसने मरीजों और उनके परिजनों को कैंसर के प्रति सोचने और सतर्क होने के लिए प्रेरित किया। पोस्टर, स्लोगन और सीधे संवाद के जरिए छात्राओं ने यह संदेश दिया कि कैंसर से डरने की नहीं, समझने और समय पर पहचान की जरूरत है।कार्यक्रम का आयोजन पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.बी. प्रसाद की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण कैंसर अक्सर गंभीर अवस्था में सामने आता है।

ऐसे में नर्सिंग छात्राओं द्वारा किया गया यह प्रयास स्वास्थ्य व्यवस्था और समाज के बीच मजबूत सेतु का काम करता है।कार्यक्रम में मौजूद बाबा केदार नाथ नर्सिंग कॉलेज के डायरेक्टर विजय बहादुर सिंह ने कहा कि कैंसर आज एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन सही जानकारी, जीवनशैली में बदलाव और नियमित जांच से इस पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से समाज में स्वास्थ्य प्रहरी की भूमिका निभाने का आह्वान किया।कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल कुमारी सोनम पटेल ने युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि अगर युवा पीढ़ी जागरूक हो जाए, तो परिवार और समाज दोनों सुरक्षित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।

अभियान के दौरान नर्सिंग ट्यूटर आइजा के मार्गदर्शन में छात्राओं ने मरीजों से आमने-सामने बातचीत की। उन्होंने तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले नुकसान, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और शुरुआती लक्षणों की पहचान पर विस्तार से चर्चा की। छात्राओं ने यह भी बताया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां आगे चलकर गंभीर बीमारी का कारण बन सकती हैं।इस जागरूकता अभियान में किरण, ललिता, रिया, श्रेया, लालसा, रोशनी, प्रियंका, खुशी, चुन्नी, अलीशा, पूनम, कल्याणी, वंदना, रिंकी, सलोनी, सोनी और सालिका सहित कई छात्राओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्होंने मरीजों की शंकाओं का समाधान किया और कैंसर से जुड़े मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.बी. प्रसाद ने छात्राओं और शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने चाहिए। इस पहल से पीएचसी में मौजूद लोगों के बीच कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सकारात्मक संदेश गया।

