एक कॉल पर जीवन की दौड़: बक्सर में 102 एम्बुलेंस बनी मातृ-शिशु सुरक्षा की मजबूत ढाल
कभी प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती हुआ करती थी, लेकिन अब बक्सर जिले में यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। 102 एम्बुलेंस सेवा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। एक फोन कॉल पर घर के दरवाजे तक पहुंचने वाली यह सेवा न केवल गर्भवती महिलाओं के लिए राहत बनकर उभरी है, बल्कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रही है।

__ ग्रामीण इलाकों में समय पर इलाज की चुनौती को कर रही आसान, हर दिन दर्जनों जिंदगियों को दे रही नई उम्मीद
केटी न्यूज/बक्सर |
कभी प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती हुआ करती थी, लेकिन अब बक्सर जिले में यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। 102 एम्बुलेंस सेवा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। एक फोन कॉल पर घर के दरवाजे तक पहुंचने वाली यह सेवा न केवल गर्भवती महिलाओं के लिए राहत बनकर उभरी है, बल्कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभा रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में जहां परिवहन की सुविधा सीमित है और समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है, वहां 102 एम्बुलेंस सेवा जीवन रक्षक साबित हो रही है। प्रसव के समय होने वाली जटिलताओं को कम करने में यह सेवा महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। कई मामलों में समय पर एम्बुलेंस मिलने से मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकी है।

राज्य सरकार के सहयोग से ज़ेन प्लस सर्विसेज द्वारा संचालित यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। जिले में वर्तमान में कुल 40 एम्बुलेंस सक्रिय हैं, जिनमें 12 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट, 26 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस और 2 शव वाहन शामिल हैं। ये सभी वाहन आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।आंकड़े भी इस सेवा की उपयोगिता को साबित करते हैं। मार्च 2026 में जिले में कुल 2,493 मामलों में एम्बुलेंस की सहायता दी गई। इनमें 1,644 गर्भवती महिलाएं शामिल रहीं, जिन्हें सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया गया।

इसके अलावा 70 नवजात शिशुओं, 98 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 681 अन्य आपातकालीन मामलों में भी यह सेवा मददगार साबित हुई।प्रतिदिन औसतन 81 मरीजों को निःशुल्क सेवा प्रदान कर रही यह एम्बुलेंस व्यवस्था अब जिले की स्वास्थ्य प्रणाली का मजबूत स्तंभ बन चुकी है।ज़ेन प्लस बिहार के प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव के अनुसार, “जिले में 102 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में लोग सिर्फ 102 नंबर डायल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।”स्पष्ट है कि 102 एम्बुलेंस सेवा सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बक्सर में मातृ और शिशु सुरक्षा की नई जीवनरेखा बन चुकी है।

