बक्सर में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क पर कोर्ट की चोट, दो तस्करों को 5-5 साल की सजा

जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा संदेश देते हुए एक बड़े मामले में दो तस्करों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। स्थानीय उत्पाद न्यायालय (संख्या-02) के न्यायाधीश सोनेलाल रजक ने मंगलवार को यह फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में दोषियों को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

बक्सर में अवैध शराब के बड़े नेटवर्क पर कोर्ट की चोट, दो तस्करों को 5-5 साल की सजा

__ 6147 लीटर शराब के साथ पकड़े गए हरियाणा के आरोपी; एक-एक लाख जुर्माना, नहीं देने पर 6 माह अतिरिक्त जेल

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा संदेश देते हुए एक बड़े मामले में दो तस्करों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। स्थानीय उत्पाद न्यायालय (संख्या-02) के न्यायाधीश सोनेलाल रजक ने मंगलवार को यह फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में दोषियों को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।यह मामला वर्ष 2025 का है, जब वीर कुंवर सिंह चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की टीम द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था।

इसी दौरान एक संदिग्ध ट्रक (सीजी 19 बीआर 7706) को रोककर तलाशी ली गई।जांच के दौरान ट्रक से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 6147 लीटर आंकी गई। कार्रवाई करते हुए टीम ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर ट्रक को जब्त कर लिया था।गिरफ्तार तस्करों की पहचान हरियाणा के पानीपत जिले के बोधियाल निवासी गौरव हुड्डा (23 वर्ष) और रोहतक जिले के नवावास निवासी मोहित (25 वर्ष) के रूप में हुई थी। मामले के सूचक उत्पाद निरीक्षक कुंदन कुमार थे, जिनके नेतृत्व में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

अदालत ने 25 अप्रैल को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा के बिंदु पर निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अवधेश कुमार राय, अपर विशेष लोक अभियोजक रविंद्र कुमार सिन्हा और श्यामा श्रीचंद्र ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सख्त सजा सुनाई। इस फैसले को शराब तस्करी के खिलाफ प्रशासन और न्यायपालिका की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों में स्पष्ट संदेश गया है।