शादी समारोह में आई नर्तकी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, खेत में अचेतावस्था में पड़ी थी युवती

राजपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने ग्रामीण इलाकों में होने वाले आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सामने आने के बाद न केवल इलाके में आक्रोश है, बल्कि ऐसे आयोजनों में बाहरी कलाकारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

शादी समारोह में आई नर्तकी के साथ सामूहिक दुष्कर्म, खेत में अचेतावस्था में पड़ी थी युवती

केटी न्यूज/राजपुर

राजपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान कथित रूप से हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने ग्रामीण इलाकों में होने वाले आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला सामने आने के बाद न केवल इलाके में आक्रोश है, बल्कि ऐसे आयोजनों में बाहरी कलाकारों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।मिली जानकारी के अनुसार, रामपुर निवासी शिवपूजन राजभर के यहां शुक्रवार को बारात आई थी। कार्यक्रम के दौरान मनोरंजन के लिए एक 22 वर्षीय नर्तकी को बुलाया गया था। देर रात तक चले नृत्य कार्यक्रम के बाद जब वह वापस लौटने की तैयारी में थी, तभी कुछ युवकों द्वारा उसे जबरन उठाकर ले जाने का आरोप है।

बताया जाता है कि उसे गांव से बाहर सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।शनिवार सुबह ग्रामीणों ने युवती को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। होश में आने के बाद युवती ने गांव के कुछ युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।राजपुर थाना पुलिस के अनुसार, घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

पुलिस का कहना है कि सभी आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा तेज हो गई है कि शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों में आयोजकों और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।