चौसा में मच्छरों पर वार: नगर पंचायत ने तेज किया छिड़काव अभियान
चौसा नगर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए नगर पंचायत ने आखिरकार सक्रिय कदम उठाते हुए विशेष छिड़काव अभियान की शुरुआत कर दी है। मौसम में बदलाव के साथ मच्छरों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की है।
__ फॉगिंग मशीन खराब, स्प्रे के जरिए शुरू हुआ अभियान; सभी 14 वार्डों में चरणबद्ध कार्रवाई की तैयारी
केटी न्यूज/बक्सर:
चौसा नगर क्षेत्र में तेजी से बढ़ते मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए नगर पंचायत ने आखिरकार सक्रिय कदम उठाते हुए विशेष छिड़काव अभियान की शुरुआत कर दी है। मौसम में बदलाव के साथ मच्छरों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू की है।हालांकि तकनीकी समस्या के कारण फॉगिंग मशीन फिलहाल काम नहीं कर रही है, लेकिन अभियान को रोकने के बजाय नगर पंचायत ने वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए स्प्रे मशीन के माध्यम से दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है।

अभियान की शुरुआत वार्ड संख्या 1 और 2 से की गई, जहां टीमों ने घर-घर पहुंचकर और नालियों के आसपास विशेष रूप से छिड़काव किया।स्वच्छता पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते मौसम में मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी खतरे को कम करने के उद्देश्य से नगर पंचायत ने सभी 14 वार्डों में चरणबद्ध तरीके से छिड़काव कराने की योजना बनाई है। उन्होंने यह भी बताया कि फॉगिंग मशीन की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि जल्द ही नियमित रूप से धुआं कर मच्छरों को नियंत्रित किया जा सके।

नगर पंचायत ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण होता है। खासकर कूलर, गमले, पुराने टायर और छतों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करने की सलाह दी गई है।साथ ही, छिड़काव के दौरान घरों के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर रखने की अपील की गई है, ताकि दवा का असर अधिक प्रभावी हो सके।नगर पंचायत के इस अभियान से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यदि अभियान इसी गति से चलता रहा, तो आने वाले दिनों में मच्छरों के प्रकोप पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

