ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

ब्रह्मपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

__ परिजनों और स्थानीय लोगों ने इलाज में लापरवाही की जताई आशंका, पुलिस ने शुरू की जांच

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

ब्रह्मपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के जवही दियर गांव निवासी सुनीता देवी को तबीयत खराब होने पर सोमवार की शाम ब्रह्मपुर स्थित कलावती हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बुधवार की सुबह चिकित्सकों ने उनके पेट का ऑपरेशन किया।

आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और देर रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीज की स्थिति बिगड़ने के बावजूद अपेक्षित चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं की गई। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला की मौत के बाद मामले को शांत कराने के प्रयास किए गए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है और अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।महिला की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अस्पताल कर्मियों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की।थानाध्यक्ष ने बताया कि महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की निगरानी, इलाज की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि महिला की मौत सामान्य चिकित्सकीय जटिलता का परिणाम थी या इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई।