एक नंबर, दो ट्रक... एनएच-922 पर खुला करोड़ों के खेल का सुराग
एनएच-922 (आरा-बक्सर फोरलेन) पर ब्रह्मपुर पुलिस की कार्रवाई ने परिवहन व्यवस्था में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े की परतें खोल दी हैं। पुलिस ने एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही चेसिस नंबर पर संचालित दो ट्रकों को जब्त कर ऐसे खेल का खुलासा किया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहनों का संचालन किया जा रहा था।


__ ब्रह्मपुर पुलिस की कार्रवाई में एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर वाले दो ट्रक जब्त, टैक्स चोरी, फर्जी दस्तावेज और संगठित वाहन रैकेट की आशंका, मालिक समेत चालक पर केस
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
एनएच-922 (आरा-बक्सर फोरलेन) पर ब्रह्मपुर पुलिस की कार्रवाई ने परिवहन व्यवस्था में चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े की परतें खोल दी हैं। पुलिस ने एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और एक ही चेसिस नंबर पर संचालित दो ट्रकों को जब्त कर ऐसे खेल का खुलासा किया है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहनों का संचालन किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में मामला केवल टैक्स चोरी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसमें कूटरचित दस्तावेज, धोखाधड़ी और वाहन चोरी जैसे गंभीर अपराधों की भी आशंका जताई जा रही है।यह कार्रवाई एएसपी पोलस्त कुमार के निर्देशन में ब्रह्मपुर थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार की टीम ने की। पुलिस को 18 जुलाई की शाम गुप्त सूचना मिली थी कि पुरवा मोड़ के पास राफेल होटल और संगम लाइन होटल के समीप एक ही नंबर के दो ट्रक खड़े हैं।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो राफेल होटल के पास खड़ा एक टाटा 3118सी ट्रेलर पुलिस को देखकर भागने लगा। भागने के प्रयास में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।गिरफ्तार चालक की पहचान नालंदा जिले के एकंगरसराय थाना क्षेत्र के गरेडिया गांव निवासी 23 वर्षीय सौरभ कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने जब ट्रक के कागजात और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस मांगा तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस चालक को साथ लेकर संगम लाइन होटल पहुंची, जहां दूसरा ट्रक खड़ा मिला। जांच के दौरान पुलिस भी उस समय चौंक गई, जब दोनों ट्रकों का रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर 01 जी एन 2732 और चेसिस नंबर एमएटी 466385 सी 2ए 02212 एक समान पाया गया।

पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि दोनों ट्रक नालंदा जिले के कराईपरसुराय निवासी अमरेन्द्र कुमार के हैं और दोनों का संचालन एक निजी सीमेंट फैक्ट्री में किया जाता है। उसने बताया कि टैक्स, बीमा और वाहन की किस्तों से बचने के लिए दोनों ट्रकों को बारी-बारी से एक ही नंबर और एक ही दस्तावेज के सहारे सड़क पर उतारा जाता था। चालक ने यह भी बताया कि वह स्वयं दोनों ट्रकों को चलाता है।पुलिस का मानना है कि मामला केवल फर्जी नंबर प्लेट लगाने तक सीमित नहीं है। एक ही चेसिस नंबर वाले दो वाहनों का सामने आना गंभीर आपराधिक साजिश की ओर इशारा करता है। आशंका है कि जब्त वाहनों में से एक चोरी का हो सकता है या फिर उसकी पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हों। इस पूरे मामले में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड, वाहन पंजीकरण और बीमा दस्तावेजों की भी गहन जांच कराई जा रही है।

ब्रह्मपुर थाना में चालक सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर दोनों ट्रकों को जब्त कर लिया गया है। वाहन मालिक अमरेन्द्र कुमार को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। एएसपी पोलस्त कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, फर्जी दस्तावेज किस स्तर पर तैयार किए गए और सरकारी राजस्व को कितनी क्षति पहुंचाई गई। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर वाहन पंजीकरण और परिवहन व्यवस्था से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।

