गंगा खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर, बाढ़ का बढ़ा दबाव
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद बक्सर जिले में बाढ़ का दबाव और बढ़ गया है। शुक्रवार 4 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे गंगा का जलस्तर 60.50 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के निशान 60.32 मीटर से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से जिले के कई दियारा और नदी किनारे के गांव प्रभावित हैं।

__ 35 नावें उतारी गईं, 648 पॉलीथीन शीट बांटी गईं; तटबंध की 24 घंटे निगरानी, कटाव वाले इलाकों पर प्रशासन की नजर
केटी न्यूज/बक्सर।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद बक्सर जिले में बाढ़ का दबाव और बढ़ गया है। शुक्रवार 4 सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजे गंगा का जलस्तर 60.50 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के निशान 60.32 मीटर से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से जिले के कई दियारा और नदी किनारे के गांव प्रभावित हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में नावों का परिचालन बढ़ा दिया है। साथ ही जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलीथीन शीट का वितरण किया जा रहा है।जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फिलहाल 35 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। बक्सर, चौसा, ब्रह्मपुर, सिमरी और चक्की अंचल के कई गांवों में पानी का प्रभाव बढ़ा है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा नदी के किनारे नहीं जाने की लगातार अपील की जा रही है।मिली जानकारी के अनुसार छोटका नुआंव पंचायत के गोविन्दपुर गांव में दो नावें लगाई गई हैं। यहां अब तक 270 पॉलीथीन शीट का वितरण किया जा चुका है।

__चौसा में तीन गांव प्रभावित:
बनारपुर एवं रामपुर पंचायत के बनारपुर, रामपुर तिवाय और धर्मपुरा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में पांच नावें चल रही हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 198 पॉलीथीन शीट बांटी गई हैं।
__ ब्रह्मपुर में दियारा क्षेत्र प्रभावित:
उत्तरी नैनीजोर पंचायत के ढाबी और गजाधर डेरा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। यहां छह नावों का परिचालन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।
__ सिमरी में सबसे अधिक नावें तैनात:
सिमरी अंचल के गंगौली एवं राजपुर परसनपाह पंचायत के श्रीकांत राय के डेरा, रामदास राय के डेरा और तवकल राय के डेरा गांव प्रभावित हैं। स्थिति को देखते हुए यहां 17 नावें लगाई गई हैं। अब तक 180 पॉलीथीन शीट का वितरण किया गया है।

__ चक्की के जवही दियर में भी राहत व्यवस्था:
चक्की अंचल के जवही दियर पंचायत में भी बाढ़ का प्रभाव है। यहां पांच नावों का परिचालन कराया जा रहा है।
__ तटबंध की 24 घंटे निगरानी, कटाव पर विशेष नजर
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। बक्सर-कोईलवर तटबंध की 24×7 निगरानी का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को कटाव निरोधक कार्य के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने तथा बक्सर नगर क्षेत्र के घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।सभी बाढ़ प्रवण अंचलों के सीओ को कर्मियों के माध्यम से लगातार निगरानी कराने और लोगों को नदी से दूर रखने का निर्देश दिया गया है। खासकर बच्चों को नदी के किनारे नहीं जाने देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।

__आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई भी तैयार रखने का निर्देश
प्रशासन ने प्रभावित लोगों की जरूरत को देखते हुए आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई केंद्रों की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर नाव, नाविक और गोताखोर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को सभी बाढ़ प्रभावित अंचलों से समन्वय कर आवश्यकतानुसार पॉलीथीन शीट की उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया है।अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं डुमरांव को स्थिति सामान्य होने तक राहत-बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है। जलस्तर और परिस्थितियों की समीक्षा के आधार पर नाव परिचालन पर रोक लगाने, अवैध नाव संचालन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।

