Tuesday, 3 November 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
युवाओं की ताकत से ही मजबूत होगा भाजपा का संगठन, दीपक यादव ने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में दिखाई एकजुटता स्टेशन से लौट रहे किशोरों की बाइक सामने से आ रही दूसरी बाइक से भिड़ी, दो घायल सरकारी सड़क पर कब्जे की दीवार जेसीबी से ढहाई, ग्रामीणों को मिली राहत छठ घाट पर पानी के लिए अब नहीं करनी होगी मशक्कत, वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की पहल अस्पताल में मशीनें धूल फांक रहीं, मरीजों के हक के लिए अनिश्चितकालीन धरना अवैध खनन पर एसडीओ का औचक धावा, मिट्टी लदे दो ट्रैक्टर जब्त छठ घाटों पर उमड़ने वाली आस्था की भीड़ के स्वागत में जुटा नगर परिषद, तैयारियों को मिली रफ्तार आग से निपटने के गुर सीखेंगे अस्पतालकर्मी, मरीजों की सुरक्षा पर जोर रोजगार मेले में उमड़ी युवाओं की भीड़, 800 अभ्यर्थियों को मिली चयन की पहली सीढ़ी क्रिकेट के मैदान पर दिखेगा विद्यार्थियों का दम, 7 नवंबर को सजेगा दत्त क्लासेस प्रीमियर लीग एनसीसी शिविर में कैडेटों को सिखाए साइबर सुरक्षा के गुर, डिजिटल ठगी से बचाव की दी गई जानकारी त्योहार से पहले पटाखा कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा, चौसा में दुकानों की जांच
Keshav Times

जमीन नहीं तो वर्षों तक कचरा कहां डंप हुआ - रवि उज्ज्वल कुशवाहा

डुमरांव नगर परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कचरा प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर में फैली गंदगी और डंपिंग को लेकर जदयू नेता रवि उज्ज्वल कुशवाहा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नगर परिषद और संबंधित एनजीओ के पिछले दो वर्षों के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

जमीन नहीं तो वर्षों तक कचरा कहां डंप हुआ - रवि उज्ज्वल कुशवाहा

-- डुमरांव नगर परिषद पर कचरा घोटाले का साया, दो साल के कार्यों की जांच की उठी मांग, 11 करोड़ 4 लाख की कचरा डंपिंग राशि पर जदयू नेता ने उठाया सवाल 

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कचरा प्रबंधन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर में फैली गंदगी और डंपिंग को लेकर जदयू नेता रवि उज्ज्वल कुशवाहा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नगर परिषद और संबंधित एनजीओ के पिछले दो वर्षों के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।रवि उज्ज्वल कुशवाहा ने कहा कि नगर परिषद द्वारा वर्षों से कचरा डंपिंग के नाम पर हर साल लगभग 11 करोड़ 4 लाख रुपये एनजीओ को दिए जा रहे हैं, लेकिन यह राशि वास्तव में कहां और कैसे खर्च हुई, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।

जमीन नहीं तो वर्षों तक कचरा कहां डंप हुआ - रवि उज्ज्वल कुशवाहा

उन्होंने सवाल उठाया कि जब नगर परिषद के पास खुद की जमीन ही नहीं थी, तो इतने वर्षों तक शहर का कचरा आखिर कहां डंप किया जाता रहा।उन्होंने कहा कि जैसे ही कचरा डंपिंग को लेकर सवाल उठाए गए, अचानक रविवार जैसे अवकाश के दिन भी सफाई कार्य शुरू हो गया। अब आनन-फानन में बैठक कर 5 एकड़ भूमि लीज पर लेने का फरमान जारी किया जा रहा है। यह साफ संकेत है कि अब तक सब कुछ कागजों में ही चलता रहा और जनता को गुमराह किया गया।

जमीन नहीं तो वर्षों तक कचरा कहां डंप हुआ - रवि उज्ज्वल कुशवाहा

रवि उज्ज्वल ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि जनता को जवाब देने से बच रहे हैं। शहरवासियों को यह बताया जाना चाहिए कि अब तक डंपिंग स्थल कहां था, वहां कचरा डाला गया या सिर्फ बिल बनाकर भुगतान किया गया। अगर वास्तव में डंपिंग होती रही है तो उसके दस्तावेज, फोटो और स्थल की जानकारी सार्वजनिक की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि केवल नगर परिषद ही नहीं, बल्कि कचरा उठाव और डंपिंग से जुड़े एनजीओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

जमीन नहीं तो वर्षों तक कचरा कहां डंप हुआ - रवि उज्ज्वल कुशवाहा

पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों, भुगतान, वाहन संचालन, मजदूरों की संख्या और वास्तविक कार्यस्थल की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।जदयू नेता ने चेतावनी दी कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला सड़क से सदन तक उठाया जाएगा। डुमरांव की जनता अब जवाब चाहती है, न कि कागजी योजनाएं और बाद में लिए गए फैसले।नगर परिषद की चुप्पी और सवालों से बचने की कोशिश ने संदेह को और गहरा कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन पारदर्शिता दिखाता है या कचरा डंपिंग का यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाता है।

इससे जुड़ी खबरें

और देखें ›

टिप्पणियां 0

✍️

टिप्पणी एडमिन की मंज़ूरी के बाद सबको दिखेगी। अभद्र भाषा का प्रयोग न करें।