जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर सख्ती से हुआ पूरक पोषाहार का वितरण

विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सोमवार को बक्सर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषाहार का वितरण सुनिश्चित किया गया। सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना तथा जिलाधिकारी, बक्सर के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में जिले की सभी पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान वितरण प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और नियमितता की गहन समीक्षा की गई।

जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर सख्ती से हुआ पूरक पोषाहार का वितरण

-- एफआरएस आधारित टेक-होम राशन से पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही पर प्रशासन की पैनी नजर

केटी न्यूज/बक्सर

विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सोमवार को बक्सर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पूरक पोषाहार का वितरण सुनिश्चित किया गया। सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना तथा जिलाधिकारी, बक्सर के स्पष्ट निर्देशों के आलोक में जिले की सभी पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक साथ निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान वितरण प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और नियमितता की गहन समीक्षा की गई।समाज कल्याण विभाग द्वारा नामित विशेष निरीक्षण टीम ने भी जिले के विभिन्न प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को मिलने वाला टेक-होम राशन (टीएचआर) पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुरूप सही लाभार्थियों तक पहुंचे।टीम ने लाभार्थियों से संवाद कर वितरण की स्थिति का फीडबैक भी लिया।निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से टेक-होम राशन का वितरण किया जा रहा है। डिजिटल तकनीक आधारित इस व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की पहचान चेहरे की पहचान प्रणाली से की जा रही है, जिससे फर्जी लाभार्थियों और दोहरी प्रविष्टि की संभावनाएं काफी हद तक समाप्त हो गई हैं।

इससे वितरण प्रक्रिया न केवल अधिक पारदर्शी बनी है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों तक पोषण पहुंचना भी सुनिश्चित हो रहा है।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार एफआरएस प्रणाली लागू होने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनियमितताओं और शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई है। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण हर वितरण का ऑनलाइन डेटा सुरक्षित हो रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच या सत्यापन में सुविधा मिल सकेगी। साथ ही यह व्यवस्था भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है।निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि वितरण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लाभार्थियों को समय पर और पूर्ण मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रशासन ने यह भी कहा कि माताओं और बच्चों के पोषण अधिकारों की रक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।समाज कल्याण विभाग के इस सघन निरीक्षण अभियान और तकनीक आधारित वितरण व्यवस्था से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। इससे न सिर्फ पोषण योजनाओं पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।