पंचायत समिति बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश

प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन के सभागार में शनिवार को पंचायत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह ने की, जबकि संचालन प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार सौरभ ने किया।

पंचायत समिति बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड मुख्यालय स्थित मनरेगा भवन के सभागार में शनिवार को पंचायत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रखंड क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह ने की, जबकि संचालन प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार सौरभ ने किया।बैठक की शुरुआत में बीडीओ ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों का स्वागत किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे।इसके लिए जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

बैठक में मनरेगा, शिक्षा, राजस्व, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, स्वच्छता समेत अन्य विभागों के कार्यों की क्रमवार समीक्षा की गई। बीडीओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा योजनाओं की समीक्षा के दौरान मजदूरों के केवाईसी अपडेट पर विशेष जोर दिया गया, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न हो और पारदर्शिता बनी रहे।बैठक के दौरान केसठ पंचायत के मुखिया अरविंद कुमार यादव उर्फ गामा पहलवान ने जीविका बीपीएम से यह मांग की कि पंचायत क्षेत्र की जिन महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिली है, उनसे संबंधित यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त राशि से किस प्रकार का रोजगार किया जा रहा है।

उन्होंने इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि योजना की वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सके।इसके अलावा बैठक में केसठ को बाल विकास परियोजना की स्वतंत्र इकाई बनाए जाने की मांग भी जोर शोर से उठी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में केसठ चौगाई परियोजना के अंतर्गत आता है, जिसके कारण प्रखंड क्षेत्र की आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि केसठ को अलग बाल विकास परियोजना इकाई बनाया जाता है, तो इससे कार्यों में सुविधा होगी और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं के सही क्रियान्वयन और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल दिया। अंत में अध्यक्षीय संबोधन में प्रखंड प्रमुख ने सभी अधिकारियों को जनहित को प्राथमिकता देते हुए ईमानदारी से कार्य करने का निर्देश दिया।