भाजपा ओबीसी मोर्चा ने मनाई जननायक कर्पूरी ठाकुर की 102वीं जयंती, नेताओं ने किया विचारों का स्मरण
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती समारोह भाजपा ओबीसी मोर्चा के बैनर तले अहिरौली स्थित भाजपा कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष नंदलाल पंडित ने की, जबकि संचालन ओबीसी मोर्चा के महामंत्री रुपेश कुमार चौरसिया ने किया। इस अवसर पर उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
केटी न्यूज/बक्सर
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती समारोह भाजपा ओबीसी मोर्चा के बैनर तले अहिरौली स्थित भाजपा कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष नंदलाल पंडित ने की, जबकि संचालन ओबीसी मोर्चा के महामंत्री रुपेश कुमार चौरसिया ने किया। इस अवसर पर उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश भुवन ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति में गरीबों, पिछड़ों और दबे-कुचले वर्गों की सशक्त आवाज बनकर उभरे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखने वाले कर्पूरी ठाकुर ने अपने पूरे जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष किया। वे दो बार बिहार के मुख्यमंत्री, एक बार उपमुख्यमंत्री तथा कई बार विधायक और विपक्ष के नेता के रूप में जनता का नेतृत्व करते रहे।जिला अध्यक्ष ने कहा कि 1967 में उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कर्पूरी ठाकुर ने बिहार में अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कर आम जनता को बड़ी राहत दी। वहीं 1971 में मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने किसानों के हित में गैर-लाभकारी भूमि पर मालगुजारी कर समाप्त किया। मुंगेरीलाल आयोग की सिफारिशों को लागू कर उन्होंने नौकरियों में पिछड़े और गरीब वर्गों को आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया।

इस दौरान उन्हें स्वर्ण वर्ग के विरोध का भी सामना करना पड़ा, लेकिन वे अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे।राजनीति के जानकारों के अनुसार उनकी सादगी, ईमानदारी और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण ही उन्हें “जननायक” की उपाधि मिली। उनकी जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2025 में उन्हें मरणोपरांत “भारत रत्न” से सम्मानित किया। कार्यक्रम में लक्ष्मण शर्मा, सुखदेव राय, मिठाई सिंह, रमेश गुप्ता, रामाश्रय राम, नीलम सहाय, दीपक पांडेय, उमाशंकर राय जिला मीडिया प्रभारी सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

