रामपुर पश्चिमी उत्तरी बधार में गेहूं कटाई अंतिम चरण में, किसानों को लागत निकालना मुश्किल

प्रखंड के रामपुर पश्चिमी उत्तरी बधार क्षेत्र में गेहूं की कटाई अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अधिकांश किसान हार्वेस्टर के माध्यम से तेजी से फसल की कटाई करवा रहे हैं, ताकि समय रहते उपज को सुरक्षित किया जा सके। हालांकि इस बार किसानों के चेहरे पर खुशी कम और चिंता अधिक देखने को मिल रही है। रामपुर के स्थानीय किसान सोनू तिवारी ने बताया कि इस वर्ष खेती करना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

रामपुर पश्चिमी उत्तरी बधार में गेहूं कटाई अंतिम चरण में, किसानों को लागत निकालना मुश्किल

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के रामपुर पश्चिमी उत्तरी बधार क्षेत्र में गेहूं की कटाई अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अधिकांश किसान हार्वेस्टर के माध्यम से तेजी से फसल की कटाई करवा रहे हैं, ताकि समय रहते उपज को सुरक्षित किया जा सके। हालांकि इस बार किसानों के चेहरे पर खुशी कम और चिंता अधिक देखने को मिल रही है। रामपुर के स्थानीय किसान सोनू तिवारी ने बताया कि इस वर्ष खेती करना किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल तैयार करने में जितनी लागत लगी है, उसे निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है।

बीज, खाद और मजदूरी की बढ़ती कीमतों ने पहले ही किसानों की कमर तोड़ दी थी, ऊपर से प्राकृतिक मार ने स्थिति और खराब कर दी।किसानों का कहना है कि फसल के समय पर नियमित बिजली आपूर्ति नहीं मिलने के कारण सिंचाई प्रभावित हुई, जिससे गेहूं की पैदावार उम्मीद के मुताबिक नहीं हो सकी। इसके अलावा, हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश ने भी खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर फसल गिर गई, जिससे उत्पादन में भारी कमी आई है।

हार्वेस्टर से कटाई कराने में भी किसानों को अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और दबाव में आ गई है। ऐसे में किसानों की मांग है कि सरकार द्वारा उचित समर्थन मूल्य के साथ-साथ राहत पैकेज की व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस नुकसान से उबरने में मदद मिल सके।उनका कहा है कि इस वर्ष गेहूं की फसल किसानों के लिए उम्मीद से कम और चिंता का कारण अधिक बन गई है।