बुलडोजर राज और जन अधिकारों के सवाल पर भाकपा माले का हमला, डुमरांव सम्मेलन में संगठन विस्तार का आह्वान

डुमरांव नगर क्षेत्र में सोमवार को आयोजित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के तीसरे नगर स्तरीय सम्मेलन में बुलडोजर कार्रवाई, जन अधिकारों पर बढ़ते दबाव, महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के सवाल प्रमुखता से उठे। सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि मौजूदा दौर में गरीबों, मजदूरों, किसानों और वंचित तबकों के अधिकारों पर लगातार हमले तेज हुए हैं, ऐसे में भाकपा माले को और मजबूत बनाना समय की जरूरत है।

बुलडोजर राज और जन अधिकारों के सवाल पर भाकपा माले का हमला, डुमरांव सम्मेलन में संगठन विस्तार का आह्वान

-- तीसरे नगर सम्मेलन में गरीब, मजदूर, किसान और वंचितों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की रणनीति, 21 सदस्यीय कमिटी गठित, कृष्णा राम बने नगर सचिव

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर क्षेत्र में सोमवार को आयोजित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के तीसरे नगर स्तरीय सम्मेलन में बुलडोजर कार्रवाई, जन अधिकारों पर बढ़ते दबाव, महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के सवाल प्रमुखता से उठे। सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि मौजूदा दौर में गरीबों, मजदूरों, किसानों और वंचित तबकों के अधिकारों पर लगातार हमले तेज हुए हैं, ऐसे में भाकपा माले को और मजबूत बनाना समय की जरूरत है।सम्मेलन का उद्घाटन पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य सह जिला सचिव कॉमरेड नवीन ने किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश की राजनीति इस समय गंभीर चुनौतियों के बीच खड़ी है और लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता तथा संविधान की रक्षा का सवाल पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने “बुलडोजर राज” का विरोध करते हुए कहा कि दमन और डर के माहौल के बीच जन अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित राजनीतिक हस्तक्षेप जरूरी है।कॉमरेड नवीन ने कहा कि जनता से जुड़े सवालों को सिर्फ भाषणों से नहीं, बल्कि जमीनी संघर्षों से आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को वार्ड-वार्ड जाकर संगठन खड़ा करने, आम लोगों से सीधा संवाद कायम करने और गरीब तबकों की समस्याओं को आंदोलन का केंद्र बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पार्टी की असली ताकत जनता के बीच उसकी सक्रिय मौजूदगी और जन मुद्दों पर उसकी स्पष्ट प्रतिबद्धता होती है।सम्मेलन में मौजूद अन्य वक्ताओं ने किसानों की बदहाली, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, सामाजिक असमानता और स्थानीय जनसमस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में इन सवालों को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और गांव-गांव, वार्ड-वार्ड जाकर लोगों को संगठित किया जाएगा। पंचायत स्तर से लेकर नगर क्षेत्र तक संगठन को धार देने और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

सम्मेलन के अंत में संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर रणनीति तय की गई। इस दौरान 21 सदस्यीय नगर कमिटी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से कृष्णा राम को नगर सचिव चुना गया।कार्यक्रम में प्रखंड सचिव धर्मेंद्र यादव, पर्यवेक्षक ललन राम, कन्हैया राम, मानरूप, प्रभात कुमार, भगवान दास, शंकर तिवारी, सुरेश राम, छविनाथ पासवान, बुधिया देवी, कन्हैया चौधरी, बाबूलाल राम, सर्वेश पांडेय, जाबिर कुरैशी, रूबी शर्मा, पूजा कुमारी, ओमप्रकाश पाल, नरेंद्र कुमार समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।