अफवाहों से बढ़ी परेशानी, सर्वर सुधरने के साथ गैस आपूर्ति पटरी पर, गांवों में अस्थायी रोक

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में रसोई गैस बुकिंग को लेकर बीते कई दिनों से बनी अफरातफरी अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। तकनीकी खराबी के कारण गैस बुकिंग सर्वर प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब स्थिति में आंशिक सुधार आने लगा है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाहों और अव्यवस्था के कारण फिलहाल डोर-टू-डोर गैस डिलीवरी पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

अफवाहों से बढ़ी परेशानी, सर्वर सुधरने के साथ गैस आपूर्ति पटरी पर, गांवों में अस्थायी रोक

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में रसोई गैस बुकिंग को लेकर बीते कई दिनों से बनी अफरातफरी अब धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। तकनीकी खराबी के कारण गैस बुकिंग सर्वर प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन अब स्थिति में आंशिक सुधार आने लगा है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में फैली अफवाहों और अव्यवस्था के कारण फिलहाल डोर-टू-डोर गैस डिलीवरी पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले तक हालात ऐसे थे कि सैकड़ों प्रयासों के बाद भी मुश्किल से एक-दो उपभोक्ताओं की ही बुकिंग हो पा रही थी।

इससे लोगों के बीच गैस संकट की चर्चा तेज हो गई थी। अब तकनीकी स्थिति में कुछ सुधार होने से बुकिंग की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन उपभोक्ताओं को अभी भी बार-बार प्रयास करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि देर रात तक लगातार कोशिश करने के बाद ही उनकी बुकिंग सफल हो रही है। अधिकांश मामलों में रात 11 बजे के बाद बुकिंग कन्फर्म होने की बात सामने आई है। कुछ उपभोक्ताओं की बुकिंग दर्ज होने के बाद भी डीएसी नंबर जनरेट नहीं होने से चिंता बनी हुई है।इधर, डुमरांव स्थित मां विंध्यवासिनी एंटरप्राइजेज गैस एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि गैस के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। एजेंसी प्रबंधन के अनुसार समस्या सिर्फ सर्वर और बुकिंग प्रक्रिया से जुड़ी है, आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है।

जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग सफलतापूर्वक दर्ज हो चुकी है, उन्हें 72 घंटे के भीतर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना बुकिंग गैस लेने के लिए भीड़ न लगाएं।गैस बुकिंग संकट के बीच एजेंसी पर केवाईसी और मोबाइल नंबर अपडेट कराने वालों की भी भीड़ बढ़ गई है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता जरूरी दस्तावेज लेकर एजेंसी पहुंच रहे हैं। एजेंसी के अनुसार मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा निशुल्क है, जबकि केवाईसी के लिए 190 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, जिसमें पाइप भी दिया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले दिनों जैसे ही गैस वाहन पहुंचा, बिना बुकिंग वाले लोगों की भीड़ जमा होने लगी, जिससे कई जगह हंगामे की स्थिति बनी। इसी के मद्देनजर फिलहाल गांवों में डोर-टू-डोर वितरण रोका गया है। ग्रामीण उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे पहले बुकिंग कराएं और फिर एजेंसी गोदाम से सिलेंडर प्राप्त करें। प्रशासन ने भी हालात पर नजर रखते हुए विभिन्न एजेंसियों पर 12 मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं।