होली बाद महानगरों की ओर लौटने की होड़, डुमरांव स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भारी भीड़

होली पर्व समाप्त होते ही रोजगार, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए महानगरों की ओर लौटने वाले लोगों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इसका सीधा असर डुमरांव रेलवे स्टेशन पर देखने को मिल रहा है, जहां सुबह से देर रात तक यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं और ट्रेन आते ही सीट पाने के लिए लोगों में होड़ मच जा रही है।

होली बाद महानगरों की ओर लौटने की होड़, डुमरांव स्टेशन पर उमड़ी यात्रियों की भारी भीड़

– लंबी दूरी की ट्रेनों में सीट के लिए जद्दोजहद, कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति

– कन्फर्म टिकट न मिलने पर जनरल डिब्बों में ठसाठस भीड़, खड़े होकर सफर करने को मजबूर यात्री

केटी न्यूज/डुमरांव

होली पर्व समाप्त होते ही रोजगार, व्यवसाय और पढ़ाई के लिए महानगरों की ओर लौटने वाले लोगों की संख्या अचानक बढ़ गई है। इसका सीधा असर डुमरांव रेलवे स्टेशन पर देखने को मिल रहा है, जहां सुबह से देर रात तक यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं और ट्रेन आते ही सीट पाने के लिए लोगों में होड़ मच जा रही है।होली मनाने के लिए घर आए बड़ी संख्या में लोग अब वापस अपने कार्यस्थल और शिक्षण संस्थानों की ओर लौट रहे हैं। इसके चलते डुमरांव स्टेशन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक भीड़ देखी जा रही है।

दिल्ली, मुंबई, पंजाब, कोटा, टाटानगर और कोलकाता जैसे शहरों की ओर जाने वाली ट्रेनों में अगले कई दिनों तक सीटें लगभग फुल हो चुकी हैं। रेलवे की ऑनलाइन आरक्षण साइटों पर अधिकांश ट्रेनों में ‘नो रूम’ या लंबी वेटिंग लिस्ट दिखाई दे रही है।ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के कारण यात्रियों को सीट पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। कई यात्री कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण जनरल टिकट लेकर ही यात्रा करने को मजबूर हैं। जनरल डिब्बों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां यात्रियों की संख्या क्षमता से कई गुना अधिक हो रही है। ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही यात्री दरवाजों की ओर दौड़ पड़ते हैं, जिससे कई बार धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है।

जनरल बोगियों में हालात ऐसे हो गए हैं कि कई यात्रियों को दरवाजे के पास खड़े होकर ही लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ रहा है। कुछ यात्रियों को पूरी यात्रा खड़े-खड़े ही करनी पड़ रही है। भीड़ के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में भी कठिनाई होती है।नंदन गांव के यात्री मनीष कुमार और रवीश प्रसाद ने बताया कि वे दिल्ली और मुंबई में काम करते हैं और होली मनाने के लिए अपने गांव आए थे। अब काम पर लौटना जरूरी है, लेकिन ट्रेनों में सीट नहीं मिलने के कारण काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि टिकट कन्फर्म नहीं होने के कारण उन्हें जनरल डिब्बे में यात्रा करनी पड़ रही है।

उधर, टिकट काउंटरों पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कई लोग घंटों लाइन में खड़े होकर टिकट लेने का प्रयास कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्होंने पहले से टिकट बुक कराने की कोशिश की थी, लेकिन वेटिंग बहुत ज्यादा होने के कारण टिकट कन्फर्म नहीं हो पाया। ऐसे में अब उनके पास जनरल टिकट लेकर यात्रा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि होली के बाद हर वर्ष महानगरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन इस बार भीड़ पहले की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है। आने वाले कुछ दिनों तक ट्रेनों में इसी तरह की भीड़ बनी रहने की संभावना जताई जा रही है।