टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में भड़का माले, डुमरांव में फूंका मुख्यमंत्री का पुतला

टीआरई-4 शिक्षक बहाली की मांग को लेकर पटना में अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को डुमरांव में भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। डुमरांव थाना के समक्ष आयोजित विरोध कार्यक्रम में बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज दबाने की साजिश बताते हुए सरकार पर रोजगार के सवाल से भागने का आरोप लगाया।

टीआरई-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में भड़का माले, डुमरांव में फूंका मुख्यमंत्री का पुतला

__ रोजगार मांगने वाले युवाओं पर दमन का आरोप, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और वैकेंसी जारी करने की उठी मांग

केटी न्यूज/डुमरांव

टीआरई-4 शिक्षक बहाली की मांग को लेकर पटना में अभ्यर्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में रविवार को डुमरांव में भाकपा-माले, आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। डुमरांव थाना के समक्ष आयोजित विरोध कार्यक्रम में बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज दबाने की साजिश बताते हुए सरकार पर रोजगार के सवाल से भागने का आरोप लगाया।नेताओं ने कहा कि 8 मई को पटना में टीआरई-4 बहाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नौकरी और भविष्य की मांग कर रहे युवाओं को अपराधियों की तरह सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कई अभ्यर्थियों के घायल होने और महिला अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया गया।सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के जिला सचिव नवीन कुमार, डुमरांव प्रखंड सचिव धर्मेन्द्र यादव, जिला कमिटी सदस्य ललन राम और नगर कमिटी नेता सर्वेश पाण्डेय ने कहा कि बिहार में लाखों पद खाली पड़े हैं, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया तेज करने के बजाय युवाओं पर लाठियां बरसा रही है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू सरकार रोजगार और शिक्षा के सवाल पर पूरी तरह विफल हो चुकी है तथा हर आंदोलन को पुलिस बल के सहारे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।वक्ताओं ने कहा कि जिन युवाओं के हाथों में भविष्य में शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी, आज वही युवा सड़कों पर अपमान और दमन झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि टीआरई-4 अभ्यर्थियों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को तत्काल नई शिक्षक बहाली की अधिसूचना जारी करनी चाहिए।प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द टीआरई-4 वैकेंसी जारी नहीं करती और अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

साथ ही लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, घायल अभ्यर्थियों के समुचित इलाज और मुआवजे की भी मांग उठाई गई।कार्यक्रम में खेग्रामस जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान, नगर सचिव कृष्णा राम, गोरी शंकर गुप्ता, एपवा नेत्री पूजा कुमारी, ऊषा देवी, गोरी गुप्ता, राधेश्याम शर्मा, मो. नासिर हसन, जाबिर कुरैशी, मैनुद्दीन, कन्हैया ठाकुर और महबूब आलम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा और युवा संगठनों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।