रोजगार से बदली ग्रामीण परिवारों की तस्वीर: चौसा में जीविका–डीडीयूजीकेवाई अभिभावक संवाद कार्यक्रम

ग्रामीण युवाओं को हुनर के साथ सम्मानजनक रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाई) लगातार असर दिखा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को चौसा बारा मोड़ स्थित बीपीआईयू जीविका कार्यालय में एक विशेष अभिभावक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने योजना के सामाजिक प्रभाव को उजागर किया।

रोजगार से बदली ग्रामीण परिवारों की तस्वीर: चौसा में जीविका–डीडीयूजीकेवाई अभिभावक संवाद कार्यक्रम

केटी न्यूज/चौसा

ग्रामीण युवाओं को हुनर के साथ सम्मानजनक रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाई) लगातार असर दिखा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को चौसा बारा मोड़ स्थित बीपीआईयू जीविका कार्यालय में एक विशेष अभिभावक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने योजना के सामाजिक प्रभाव को उजागर किया।कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड परियोजना प्रबंधक शोभना गुप्ता ने किया। बैठक में उन अभिभावकों को आमंत्रित किया गया था, जिनके परिवार के बच्चे या जीवनसाथी इस योजना के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत हैं।

संवाद का मुख्य उद्देश्य योजना से जुड़े परिवारों के अनुभव जानना और भविष्य की रणनीति पर विचार करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत वित्त प्रबंधक प्रतीक कुमार, क्षेत्र समन्वयक धर्मेन्द्र चौधरी, सामुदायिक समन्वयक कुंदन किशोर एवं प्रबंधन टीम द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद योजना के उद्देश्यों, उपलब्धियों और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।अभिभावकों ने बताया कि डीडीयूजीकेवाई ने न केवल उनके बच्चों को रोजगार दिया, बल्कि पूरे परिवार की सोच और जीवनशैली में बदलाव लाया है। नियमित आय से आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है, वहीं बच्चों में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक पहचान भी मजबूत हुई है।

कई अभिभावकों ने कहा कि पहले जो बच्चे गांव से बाहर जाने में झिझकते थे, आज वे देश के बड़े शहरों में आत्मनिर्भर होकर काम कर रहे हैं।संस्था और अभिभावकों के बीच हुए खुले संवाद ने कार्यक्रम को और सार्थक बनाया। इस अवसर पर सभी उपस्थित अभिभावकों को सम्मानित किया गया, जिससे उनका मनोबल और विश्वास और मजबूत हुआ।अंत में अभिभावकों ने जीविका और संबंधित विभागों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक एवं परिजन उपस्थित रहे।