जिस राष्ट्र की जड़ें प्रकृति में हों और आत्मा सेवा में, वही राष्ट्र महान बनता है - शैलेश ओझा

रघुनाथपुर स्थित यूएस्को संस्थान में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेता छात्रों के लिए प्रतिभा सम्मान समारोह एवं कवि गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रप्रेम पर आधारित झांकी प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।

जिस राष्ट्र की जड़ें प्रकृति में हों और आत्मा सेवा में, वही राष्ट्र महान बनता है - शैलेश ओझा

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

रघुनाथपुर स्थित यूएस्को संस्थान में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेता छात्रों के लिए प्रतिभा सम्मान समारोह एवं कवि गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्रप्रेम पर आधारित झांकी प्रस्तुत कर समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना विकसित करना रहा।

संस्थान की स्थापना प्रख्यात शिक्षाविद्, लेखक एवं गीता का अंग्रेज़ी अनुवाद करने वाले स्व. रामाधार तिवारी द्वारा शिक्षा के साथ-साथ साहित्य एवं संस्कृति के संवर्धन हेतु की गई थी। संस्थान के निदेशक अमरजीत कुमार ने बताया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिवर्ष शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रकाश डालते हुए आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, सेवा-भाव एवं अनुशासन को युवाओं के लिए अनिवार्य बताया।

मुख्य अतिथि ब्रह्मपुर हाई स्कूल के अवकाश प्राप्त प्रधानाध्यापक चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र का भविष्य है और बच्चों में नैतिकता एवं आत्मबल का विकास समय की आवश्यकता है।पर्यावरण संरक्षण गतिविधि दक्षिण बिहार के जनसंवाद प्रमुख शैलेश ओझा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र की जड़ें प्रकृति में हों और आत्मा सेवा में हो, वही राष्ट्र सच्चे अर्थों में महान बनता है।

कवि गोष्ठी में कवि विनोद कैमुरी, हृदय नारायण हेहर एवं रत्नेश राही ने अपनी रचनाओं से वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया, वहीं कवयित्रियां बबीता कुमारी एवं नुपुर शर्मा ने भावपूर्ण काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संस्थान की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र ओझा ने की। संचालन डॉ. ललन मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव विंध्याचल शाही द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रशेखर पाठक, चतुर्भुज प्रसाद, दिलीप पाल, अजय गुप्ता, अशोक पाल सहित अनेक शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।