त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट: ईद, चैती छठ और रामनवमी पर कड़ी निगरानी, डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
जिले में आगामी ईद-उल-फितर, चैती छठ और रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

__ शांति समिति की बैठक में डीएम ने दिए सख्त निर्देश, जुलूस के लिए लाइसेंस अनिवार्य और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में आगामी ईद-उल-फितर, चैती छठ और रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रखंड स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने मार्च माह में पड़ने वाले प्रमुख पर्वों की जानकारी देते हुए बताया कि 20 और 21 मार्च को ईद-उल-फितर, 24 और 25 मार्च को चैती छठ तथा 27 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी।

इसके साथ ही वर्तमान में रमजान माह चलने के कारण मस्जिदों में नमाज के दौरान भीड़ को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।ईद-उल-फितर को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास साफ-सफाई, पेयजल और रोशनी की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को इस दिशा में जिम्मेदारी सौंपी गई है। 20 मार्च को अंतिम जुम्मे की नमाज के दौरान भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।चैती छठ को लेकर प्रशासन की तैयारी और भी व्यापक रहेगी। गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन और गोताखोरों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों को पूरी तरह सक्रिय रखने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके।रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन ने सबसे सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जुलूस निकालने के लिए शत-प्रतिशत लाइसेंस अनिवार्य होगा और जुलूस केवल पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे। जुलूस मार्ग का पूर्व में भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को दिया गया है।इसके साथ ही जुलूसों में भड़काऊ गाने, नारेबाजी और प्रतिबंधित हथियारों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी। किसी भी ऐसी झांकी या दृश्य के प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे किसी समुदाय, जाति या वर्ग की भावनाएं आहत हो सकती हैं।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रामनवमी के अवसर पर डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस निर्णय को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित कर पूरे जिले में विधि-व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाएगी।जिलाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें और समाज में भाईचारा बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सभी त्योहार आपसी सद्भाव और शांति का संदेश देते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और प्रशासन को सहयोग करें।

