गैस एजेंसियों पर प्रशासन की सख्ती, 27 केंद्रों की सघन जांच
जिले में रसोई गैस की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने बुधवार को जिलेभर की गैस एजेंसियों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई से एजेंसी संचालकों में हड़कंप मच गया।
__ जमाखोरी-कालाबाजारी पर नकेल कसने को बनी विशेष टीमें, उपभोक्ताओं से लिया गया फीडबैक
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में रसोई गैस की संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने बुधवार को जिलेभर की गैस एजेंसियों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई से एजेंसी संचालकों में हड़कंप मच गया।प्रशासन द्वारा कुल 27 गैस एजेंसियों की जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। प्रत्येक टीम में एक वरीय दंडाधिकारी या पदाधिकारी के साथ एक पुलिस अधिकारी को शामिल किया गया, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पूरी की जा सके।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्धारित प्रपत्र के आधार पर एजेंसियों की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि एजेंसियों पर मूल्य सूची, कार्य के घंटे और स्टॉक की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो।

कई स्थानों पर इन मानकों की जांच को लेकर अधिकारियों ने सख्ती दिखाई और आवश्यक निर्देश भी दिए।जांच के दौरान डिलीवरी व्यवस्था को भी परखा गया। अधिकारियों ने देखा कि डिलीवरी कर्मियों के पास सिलेंडर का वजन करने के लिए वेईंग स्केल उपलब्ध है या नहीं। साथ ही उपभोक्ताओं के सामने सिलेंडर का वजन और लीकेज की जांच की जा रही है या नहीं, इस पर विशेष ध्यान दिया गया।सुरक्षा मानकों को लेकर भी टीमों ने एजेंसियों की गंभीरता को परखा। निरीक्षण में यह देखा गया कि प्रतिष्ठानों पर फर्स्ट एड बॉक्स, शिकायत पुस्तिका और आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद हैं या नहीं। कई जगहों पर डिलीवरी कर्मियों के वर्दी और परिचय पत्र की भी जांच की गई, जिससे उनकी पहचान और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

अभियान की खास बात यह रही कि अधिकारियों ने केवल कागजी जांच तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सीधे उपभोक्ताओं से संवाद भी किया। उपभोक्ताओं से यह जानकारी ली गई कि उनसे निर्धारित दर से अधिक राशि तो नहीं वसूली जा रही है।साथ ही यह भी पूछा गया कि यदि किसी कारणवश होम डिलीवरी नहीं मिलती है, तो उन्हें तय रिबेट मिल रहा है या नहीं।प्रशासन का मानना है कि इस तरह के फीडबैक से जमीनी हकीकत सामने आती है और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि गैस से संबंधित कोई भी अनियमितता, कालाबाजारी या अधिक वसूली की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। इसके लिए जिला कंट्रोल रूम का नंबर 06183-223333 जारी किया गया है।प्रशासन ने साफ किया है कि सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस अभियान को आगे भी जारी रखने के संकेत दिए गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सुरक्षित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

