राजपुर के लाल ने सिक्किम में लहराया परचम, राष्ट्रीय मंच पर शोध प्रतिभा का मिला सम्मान

राजपुर गांव के एक युवा शोधार्थी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सिक्किम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में शोधरत विश्वजीत कुमार त्रिगुण को गंगटोक में आयोजित एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परिसंवाद में विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें सिक्किम के माननीय राज्यपाल के हाथों प्राप्त हुआ, जिसने उनकी उपलब्धि को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

राजपुर के लाल ने सिक्किम में लहराया परचम, राष्ट्रीय मंच पर शोध प्रतिभा का मिला सम्मान

__ पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत पर प्रभावशाली व्याख्यान, राज्यपाल ने किया सम्मानित

केटी न्यूज/राजपुर

राजपुर गांव के एक युवा शोधार्थी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सिक्किम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में शोधरत विश्वजीत कुमार त्रिगुण को गंगटोक में आयोजित एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परिसंवाद में विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें सिक्किम के माननीय राज्यपाल के हाथों प्राप्त हुआ, जिसने उनकी उपलब्धि को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।गंगटोक स्थित ‘लोक भवन’ में आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय परिसंवाद का विषय था— “पूर्वोत्तर भारत का सांस्कृतिक वैभव और साहित्य”।

कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय हिंदी निदेशालय (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) और सिक्किम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। देशभर से आए विद्वानों और शोधार्थियों के बीच विश्वजीत ने अपने शोध आधारित व्याख्यान से अलग पहचान बनाई।अपने संबोधन में उन्होंने “पूर्वोत्तर में वैष्णव भक्ति आंदोलन और नाट्य परंपरा” विषय को बेहद गहराई और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक जड़ों, वहां के भक्ति आंदोलन और नाट्य परंपरा के ऐतिहासिक विकास को उदाहरणों के साथ समझाया।

उनके व्याख्यान में न केवल अकादमिक गहराई थी, बल्कि प्रस्तुति की सहजता और प्रभावशाली शैली ने भी सभी को प्रभावित किया।कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों, विद्वानों और मुख्य अतिथि ने उनके शोध कार्य की जमकर सराहना की। यही नहीं, उनके विचारों ने पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता को नए दृष्टिकोण से समझने का अवसर भी दिया।विश्वजीत कुमार त्रिगुण, राजपुर निवासी विनय त्रिगुण के पुत्र हैं और वर्तमान में वे “शिवपूजन सहाय के साहित्य में युगबोध” विषय पर शोध कर रहे हैं। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। पूर्व मुखिया सत्येंद्र नारायण सिंह, अभिषेक त्रिगुण, मनोज त्रिगुण, डब्बू सिंह सहित कई समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।राजपुर का यह होनहार युवा आज कई छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है, जो बड़े सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।