डुमरांव शिविर में 30 दिव्यांग यूडीआईडी कार्ड के लिए रेफर

दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डुमरांव प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बुनियाद केंद्र में आयोजित दो दिवसीय शिविर का बुधवार को समापन हो गया। शिविर के अंतिम दिन कुल 50 दिव्यांगों का पंजीकरण कर उनकी चिकित्सकीय जांच की गई, जिसमें से 30 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जिला मुख्यालय बक्सर रेफर किया गया।

डुमरांव शिविर में 30 दिव्यांग यूडीआईडी कार्ड के लिए रेफर

__ दो दिवसीय शिविर में 50 का पंजीकरण, 13 नए और 17 पुराने दिव्यांगों को जिला भेजा गया

केटी न्यूज/डुमरांव:

दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डुमरांव प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित बुनियाद केंद्र में आयोजित दो दिवसीय शिविर का बुधवार को समापन हो गया। शिविर के अंतिम दिन कुल 50 दिव्यांगों का पंजीकरण कर उनकी चिकित्सकीय जांच की गई, जिसमें से 30 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए जिला मुख्यालय बक्सर रेफर किया गया।शिविर में चिकित्सकों की टीम द्वारा विस्तृत जांच की गई। टीम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) प्रभारी डॉ. आर.बी. प्रसाद, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित सौरव तथा फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. विकास कुमार शामिल रहे।

चिकित्सकों ने दिव्यांगों की स्थिति का आकलन कर पात्र लाभार्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए चिन्हित किया।बुनियाद केंद्र के प्रबंधक कश्मीरी चौधरी ने बताया कि 17 एवं 18 मार्च को आयोजित इस शिविर में कुल 50 दिव्यांगों का पंजीकरण हुआ, जिनमें से जांच के बाद 30 को यूडीआईडी कार्ड के लिए उपयुक्त पाया गया। इनमें 13 नए और 17 पुराने दिव्यांग शामिल हैं। सभी चयनित लाभार्थियों को बक्सर भेजा गया है, जहां गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा अंतिम जांच के बाद उनका यूडीआईडी कार्ड बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसके माध्यम से उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है। शिविर में न केवल पंजीकरण और जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई, बल्कि कई अभिभावकों को यूडीआईडी कार्ड से संबंधित जानकारी भी दी गई।इस दौरान बुनियाद केंद्र के केश प्रबंधक मुन्ना राम, हीयरिंग एवं स्पीच विशेषज्ञ ममता कुमारी, ऑपरेटर कार्तिक कुमार सहित अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन से दिव्यांगजनों और उनके परिजनों में संतोष देखा गया।