लंबे इंतजार के बाद फिर शुरू हुआ स्टेशन रोड का मरम्मत कार्य, दिनभर जाम से थमे पहिए
स्टेशन रोड पर चल रहे मरम्मतिकरण कार्य ने लोगों की परेशानी कम करने के बजाय और बढ़ा दी है। पिछले छह माह से रूक-रूक कर हो रहे इस कार्य के कारण बुधवार को पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। मां डुमरेजिन मंदिर मोड़ से लेकर पुराना भोजपुर चौक तक सड़क मरम्मत के लिए करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन अब तक काम अधूरा पड़ा है।
__ छह माह से रूक-रूक कर चल रहा काम, पुलिस नदारद—स्कूली बच्चे और यात्री सबसे ज्यादा परेशान
केटी न्यूज/डुमरांव।
स्टेशन रोड पर चल रहे मरम्मतिकरण कार्य ने लोगों की परेशानी कम करने के बजाय और बढ़ा दी है। पिछले छह माह से रूक-रूक कर हो रहे इस कार्य के कारण बुधवार को पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। मां डुमरेजिन मंदिर मोड़ से लेकर पुराना भोजपुर चौक तक सड़क मरम्मत के लिए करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी, लेकिन अब तक काम अधूरा पड़ा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू हुआ, लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया गया। बीच-बीच में काम शुरू होता है और फिर बंद हो जाता है, जिससे सड़क की हालत और बदतर हो गई है।

बुधवार को महरौरा मोड़ के पास सड़क की खुदाई कर दी गई, जिससे रास्ता संकरा होकर वन-वे जैसा हो गया। इस कारण बड़े वाहनों के फंसने से जाम और विकराल हो गया।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों और यात्रियों को झेलनी पड़ी। कई बसें जाम में फंसी रहीं, जिससे बच्चे घंटों परेशान होते रहे। स्थिति यह रही कि कुछ अभिभावक खुद जाम में फंसे वाहनों तक पहुंचकर अपने बच्चों का हालचाल लेने लगे।जाम के दौरान पुलिस व्यवस्था पूरी तरह नदारद दिखी। महरौरा मोड़ पर सामान्यतः दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वहां कोई तैनाती नहीं है।

नहर रोड और मुख्य सड़क के संगम पर तीन दिशाओं से वाहनों का दबाव जाम को और बढ़ा देता है।घंटों जाम लगे रहने के बावजूद जब कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा, तो स्थानीय लोग खुद ही व्यवस्था संभालते नजर आए। अभिभावकों ने भी इसमें सहयोग किया। आक्रोशित लोगों ने वरीय अधिकारियों को फोन कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने तत्काल जाम हटाने का निर्देश दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य को लगातार और तेजी से पूरा कराया जाए तथा जाम से निजात के लिए स्थायी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

