केटी न्यूज/ रोहतास
रोहतास। तिलौथू प्रखंड क्षेत्र के रामडीहरा और अमरा गांव में भूमि सर्वेक्षण से संबंधित फॉर्म भरने में हो रही समस्याओं को सुलझाने के लिए एक विशेष शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता शिविर प्रभारी शक्ति कुमार, कानूनगो नाजिम काजिम, और लिपिक पंकज कुमार ने की।
इस शिविर में प्रपत्र 2 और 3 के भरने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। शिविर प्रभारी शक्ति कुमार ने बताया कि प्रपत्र 2 और 3 दोनों स्व-घोषणा पत्र हैं। प्रपत्र 2 में भूमि से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे खाता, खेसरा, और रकबा भरनी होती है। वहीं, प्रपत्र 3 में वंशावली की जानकारी प्रदान करनी होती है।
प्रपत्र 2 में सबसे पहले रैयत का नाम, पता, खाता, खेसरा, और रकबा जैसी बुनियादी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद भूमि के प्रकार के बारे में बताना होगा। यदि जमाबंदी उपलब्ध नहीं है, तो उस कॉलम को खाली छोड़ सकते हैं। अन्य जानकारी के बारे में अनजान होने पर भी कॉलम खाली छोड़ा जा सकता है। हालांकि, यह आवश्यक है कि भूमि पर आपके दावे का अधिकार किस प्रकार से है, जैसे कि दान में मिली है, विरासत में मिली है, खरीदी गई है, या बंदोबस्ती में मिली है, इस पर जानकारी प्रदान करें।
प्रपत्र 3 में वंशावली की जानकारी भरनी होती है, जिसमें खातियान धारक या उनके उत्तराधिकारियों के नाम शामिल होते हैं। यह भी एक स्व-घोषणा पत्र है, और इसके लिए पंचायत या सरकारी दफ्तर में जाकर वंशावली बनवाने की आवश्यकता नहीं है। सही जानकारी भरकर इसे स्वयं भी जमा किया जा सकता है।
यदि किसी को फॉर्म भरने में कोई परेशानी हो रही है, तो वे नजदीकी राजस्व और भूमि सुधार विभाग के शिविर में जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।




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