आठ माह से मानदेय नहीं, फूटा आशा कर्मियों का गुस्सा; राजपुर सीएचसी में ठप रही ओपीडी
आठ महीने से मानदेय भुगतान नहीं होने से नाराज आशा फैसिलेटर और आशा कर्मियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजपुर परिसर में जुटी आशा कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ओपीडी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को करीब एक घंटे तक ठप कर दिया। इस दौरान कर्मियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द भुगतान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।
__नारेबाजी कर स्वास्थ्य योजनाओं के बहिष्कार की चेतावनी, चिकित्सा प्रभारी बोले—दो दिनों में होगा भुगतान
केटी न्यूज/राजपुर
आठ महीने से मानदेय भुगतान नहीं होने से नाराज आशा फैसिलेटर और आशा कर्मियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजपुर परिसर में जुटी आशा कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ओपीडी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को करीब एक घंटे तक ठप कर दिया। इस दौरान कर्मियों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द भुगतान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी।सुबह से ही बड़ी संख्या में आशा फैसिलेटर और आशा कार्यकर्ता सीएचसी परिसर में एकत्रित हो गईं। विरोध जता रही कर्मियों का कहना था कि अगस्त 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक का मानदेय अब तक नहीं मिला है, जबकि वे लगातार सरकार की सभी स्वास्थ्य योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इसके बावजूद उनके मेहनत की कमाई का भुगतान लंबित है।आशा फैसिलेटर पुष्पा कुमारी, संगीता कुमारी और रमावती कुमारी के साथ ही आशा कर्मी धनजीरा देवी, आशा देवी, सुशीला देवी, बिंदु देवी, मीरा देवी, गीता देवी, रूबी देवी, रीता देवी, चंद्रावती देवी और रोजी खातून ने बताया कि मानदेय भुगतान को लेकर कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। समस्या जस की तस बनी रही।कर्मियों ने कहा कि आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता और विभिन्न सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में दिन-रात मेहनत करती हैं। इसके बावजूद महीनों तक मानदेय नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है।

प्रदर्शन कर रही आशा कर्मियों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ महीनों में होली समेत कई महत्वपूर्ण पर्व आए, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार के साथ त्योहार भी ठीक से नहीं मना सके। कई कर्मियों को मजबूरी में कर्ज लेकर घर का खर्च चलाना पड़ रहा है।आशा कर्मियों का कहना था कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे काम बंद कर पूर्ण रूप से हड़ताल पर चली जाएंगी।विरोध प्रदर्शन के दौरान कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर चिकित्सा प्रभारी को एक ज्ञापन भी सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि भुगतान में और देरी हुई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

वहीं इस मामले में चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि आशा कर्मियों के आईडी तकनीकी कारणों से बंद हो गए थे, जिसकी वजह से भुगतान में देरी हुई। वरीय अधिकारियों को जानकारी देने के बाद तकनीकी समस्या को दूर कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी कर्मियों का बकाया मानदेय भुगतान कर दिया जाएगा।चिकित्सा प्रभारी ने यह भी बताया कि कर्मियों को काम पर लौटने की अपील की गई है और सभी ने सहमति भी जताई है। हालांकि आशा कर्मियों ने साफ कहा है कि यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

