विश्व पर्यावरण दिवस पर सीताराम उपाध्याय संग्रहालय में पौधरोपण, हरित भविष्य का लिया संकल्प
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संग्रहालयाध्यक्ष सहित संग्रहालय के सभी कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए पौधे लगाए।

__ संग्रहालयाध्यक्ष व कर्मियों ने लगाए पौधे, पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का किया आह्वान
केटी न्यूज/बक्सर
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुवार को सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, बक्सर परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संग्रहालयाध्यक्ष सहित संग्रहालय के सभी कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए पौधे लगाए। इस दौरान परिसर को हरित एवं स्वच्छ बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम की शुरुआत संग्रहालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों के रोपण के साथ हुई। संग्रहालयाध्यक्ष एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से पौधे लगाकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।

उपस्थित लोगों ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के लिए आवश्यक स्वच्छ वायु, जल संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर संग्रहालयाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है। यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। पौधरोपण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी कर्मियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंत में पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और उनके विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी निर्णय लिया गया। संग्रहालय परिसर में आयोजित इस पहल ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संदेश दिया।

