चौसा के संत पाल कॉन्वेंट स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दिखाई जागरूकता की नई तस्वीर

चौसा के यादव मोड़ स्थित संत पाल कॉन्वेंट स्कूल का 16वां वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ रंगारंग प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को मंच के जरिए प्रभावी ढंग से उठाने के कारण चर्चा में रहा। कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि नई पीढ़ी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की चुनौतियों को भी समझ रही है।

चौसा के संत पाल कॉन्वेंट स्कूल का वार्षिकोत्सव संपन्न, बच्चों ने दिखाई जागरूकता की नई तस्वीर

-- साइबर क्राइम से लेकर धूम्रपान विरोध तक, वार्षिकोत्सव में प्रतिभा के साथ सामाजिक चेतना का छात्रों ने किया सशक्त प्रदर्शन

केटी न्यूज/चौसा

चौसा के यादव मोड़ स्थित संत पाल कॉन्वेंट स्कूल का 16वां वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ रंगारंग प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को मंच के जरिए प्रभावी ढंग से उठाने के कारण चर्चा में रहा। कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि नई पीढ़ी सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज की चुनौतियों को भी समझ रही है।समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि गीता प्रसाद मिश्रा इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक अरुण मिश्रा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां शिक्षक बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई, लेकिन असली आकर्षण वे प्रस्तुतियां रहीं जिनमें समकालीन विषयों को मंच पर जीवंत किया गया। कक्षा आठ के छात्रों द्वारा प्रस्तुत साइबर क्राइम पर आधारित नाटक ने डिजिटल युग की सच्चाइयों से रूबरू कराया। बच्चों ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसे विषयों को बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिखाया, जिससे अभिभावकों और छात्रों दोनों को सतर्क रहने का संदेश मिला।कक्षा नौ की छात्रा खुशी कुमारी ने भरतनाट्यम की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर भारतीय संस्कृति की झलक पेश की, तो वहीं ‘काला चश्मा’ और पिगा डांस जैसे आधुनिक नृत्यों ने उत्सव में ऊर्जा का संचार कर दिया।

वृद्धाश्रम और धूम्रपान पर आधारित नाटकों ने समाज की कड़वी सच्चाइयों को सामने रखते हुए भावनात्मक माहौल बना दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रीति दुबे ने की, जबकि संचालन अमित दुबे ने संभाला। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।वार्षिकोत्सव ने यह संदेश स्पष्ट किया कि जब शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी जुड़ जाती है, तब मंच सिर्फ मनोरंजन का नहीं, बल्कि बदलाव का माध्यम बन जाता है।