डी.के. कॉलेज की प्राचार्या को मिला हिन्दी रत्न अलंकार, डुमरांव का नाम साहित्य जगत में रोशन

डुमरांव स्थित डी.के. कॉलेज की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी अमृत ने हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए महाविद्यालय और पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उन्हें हिन्दी भाषा और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘हिन्दी रत्न अलंकार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के भव्य आयोजन में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के कर-कमलों से प्रदान किया गया।

डी.के. कॉलेज की प्राचार्या को मिला हिन्दी रत्न अलंकार, डुमरांव का नाम साहित्य जगत में रोशन

-- शिक्षा से साहित्य तक, प्रो. वीणा कुमारी अमृत की सृजनात्म यात्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव स्थित डी.के. कॉलेज की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी अमृत ने हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए महाविद्यालय और पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उन्हें हिन्दी भाषा और साहित्य में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘हिन्दी रत्न अलंकार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के भव्य आयोजन में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के कर-कमलों से प्रदान किया गया।

-- सम्मान समारोह में शिक्षा और साहित्य का संगम

सम्मान समारोह का वातावरण साहित्यिक गरिमा और बौद्धिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। राज्य भर से आए शिक्षाविद्, साहित्यकार और सामाजिक चिंतक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मंच से प्रो. वीणा कुमारी अमृत के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे शिक्षा और साहित्य, दोनों क्षेत्रों में समान प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं।

-- हिन्दी साहित्य को समर्पित सृजनशील व्यक्तित्व

प्रो. अमृत की पहचान केवल एक कुशल प्रशासक के रूप में ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील साहित्यकार के रूप में भी स्थापित है। उनकी रचनाएं हिन्दी की अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। हाल ही में प्रकाशित उनका कविता संग्रह ‘मेरे हिस्से का आसमान’ (वाणी प्रकाशन) अल्प समय में ही पाठकों के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गया है। इस संग्रह में समकालीन सामाजिक यथार्थ, स्त्री संवेदना और मानवीय भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।

-- महाविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल

इस सम्मान की खबर मिलते ही डी.के. कॉलेज परिसर में हर्ष और गर्व का वातावरण छा गया। महाविद्यालय के शिक्षक, सीनेट सदस्य और शिक्षकेत्तर कर्मचारी सभी ने इसे संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। शिक्षकों ने कहा कि यह सम्मान न केवल प्रो. अमृत की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह कॉलेज के शैक्षणिक और साहित्यिक माहौल को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

-- डुमरांव के लिए प्रेरणा, विद्यार्थियों के लिए आदर्श

स्थानीय बुद्धिजीवियों का मानना है कि प्रो. वीणा कुमारी अमृत का यह सम्मान विद्यार्थियों और नवोदित साहित्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि छोटे शहरों से भी राष्ट्रीय स्तर की पहचान बनाई जा सकती है।हिन्दी रत्न अलंकार से सम्मानित होकर प्रो. अमृत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण, सृजनशीलता और सतत प्रयास से शिक्षा और साहित्य, दोनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।