निर्भया ब्रिगेड का असर: डुमरांव में बेखौफ हुईं छात्राएं, मनचलों की उड़ गई नींद
डुमरांव के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एक सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। सुबह-शाम स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं के चेहरे पर अब डर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास नजर आता है। सड़कों पर बेखौफ चलती छात्राएं, परीक्षा केंद्रों तक निडर पहुंचती लड़कियां और कोचिंग से लौटते समय निश्चिंत महिलाएं यह सब संभव हुआ है निर्भया ब्रिगेड के सक्रिय अभियान से।
-- एसआई प्रियंका के नेतृत्व में धरातल पर उतरा अभियान, स्कूल-कॉलेज से लेकर कोचिंग तक सख्त निगरानी
रजनी कांत दूबे/डुमरांव
डुमरांव के शहरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एक सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। सुबह-शाम स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाली छात्राओं के चेहरे पर अब डर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास नजर आता है। सड़कों पर बेखौफ चलती छात्राएं, परीक्षा केंद्रों तक निडर पहुंचती लड़कियां और कोचिंग से लौटते समय निश्चिंत महिलाएं यह सब संभव हुआ है निर्भया ब्रिगेड के सक्रिय अभियान से।

-- डुमरांव में धरातल पर उतरी सरकारी पहल
राज्य सरकार के गृह विभाग ने स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सभी थानों में निर्भया ब्रिगेड के गठन का निर्देश दिया था। इसी निर्देश के तहत डुमरांव थाना क्षेत्र में निर्भया ब्रिगेड अब पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में उतर चुकी है।इस ब्रिगेड की कमान संभाल रही हैं डुमरांव थाने की तेज-तर्रार और सख्त मिजाज मानी जाने वाली एसआई प्रियंका कुमारी, जिनकी मौजूदगी भर से ही मनचलों में हड़कंप मच जा रहा है।

-- हर दिन स्कूल-कॉलेजों की पैनी निगरानी
एसआई प्रियंका रोजाना सुबह से शाम तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों व कोचिंग सेंटरों का दौरा कर रही हैं। संस्थानों के आसपास बेवजह मंडराने वाले लफंगों, बाइकर्स गैंग और शरारती तत्वों पर खास नजर रखी जा रही है।जहां कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखती है, वहां प्रियंका के तीखे सवाल और सख्त फटकार से माहौल तुरंत बदल जाता है। कई मनचले तो पुलिस की मौजूदगी देखकर ही रास्ता बदल लेते हैं।

-- परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा का घेरा
मंगलवार को भी निर्भया ब्रिगेड ने सक्रियता का परिचय दिया। एसआई प्रियंका ने सुमित्रा महिला कॉलेज में चल रही स्नातक परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के करीब आधा दर्जन शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उन्हें निडर होकर पढ़ाई करने, लक्ष्य तय करने और मेहनत से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

-- छात्राओं को दी जा रही है कानून की जानकारी - एसआई प्रियंका
केशव टाइम्स से बातचीत में एसआई प्रियंका ने बताया कि निर्भया ब्रिगेड केवल निगरानी तक सीमित नहीं है। छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि वे किसी भी स्थिति में चुप न रहें और तुरंत मदद मांग सकें।उन्होंने दो टूक कहा कि लड़कियों और महिलाओं को परेशान करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
-- मनचलों की बढ़ी मुश्किलें
निर्भया ब्रिगेड के सक्रिय होते ही क्षेत्र के मनचलों और असामाजिक तत्वों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जहां पहले छेड़खानी और हुड़दंग की शिकायतें आम थीं, अब वहां पुलिस की सख्ती का खौफ साफ नजर आता है।

-- निर्भया ब्रिगेड ने कम समय में प्रभावशाली परिणाम दिए - थानाध्यक्ष
इस संबंध में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि निर्भया ब्रिगेड को पूरी जिम्मेवारी और खुली छूट दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब डुमरांव में मनचलों और शरारती तत्वों की कोई खैर नहीं। ऐसे लोगों को सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।थानाध्यक्ष ने एसआई प्रियंका की कार्यकुशलता की जमकर सराहना करते हुए कहा कि निर्भया ब्रिगेड ने बेहद कम समय में प्रभावशाली परिणाम दिए हैं।कुल मिलाकर, निर्भया ब्रिगेड डुमरांव में सिर्फ एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि छात्राओं के आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य की मजबूत ढाल बनकर उभरी है।
