डुमरांव में ‘बोधिका’ के फरवरी अंक का विमोचन, शैक्षिक नवाचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मिला नया मंच

शिक्षा विभाग, बक्सर की मासिक शैक्षिक ई-पत्रिका ‘बोधिका’ के फरवरी अंक का विधिवत विमोचन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। विमोचन कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चन्दन कुमार द्विवेदी, वरीय व्याख्याता डॉ. नवनीत कुमार सिंह (डायट, डुमरांव), एडीपीसी रवि भूषण साहनी सहित पत्रिका के संपादन मंडल से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।

डुमरांव में ‘बोधिका’ के फरवरी अंक का विमोचन, शैक्षिक नवाचार और रचनात्मक अभिव्यक्ति को मिला नया मंच

केटी न्यूज/डुमरांव 

शिक्षा विभाग, बक्सर की मासिक शैक्षिक ई-पत्रिका ‘बोधिका’ के फरवरी अंक का विधिवत विमोचन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। विमोचन कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चन्दन कुमार द्विवेदी, वरीय व्याख्याता डॉ. नवनीत कुमार सिंह (डायट, डुमरांव), एडीपीसी रवि भूषण साहनी सहित पत्रिका के संपादन मंडल से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी चन्दन कुमार द्विवेदी ने कहा कि बिहार शिक्षा परियोजना, बक्सर के तत्वावधान में प्रकाशित ‘बोधिका’ शिक्षकों, विद्यार्थियों और शिक्षा-प्रेमियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में स्थापित हो रही है।

उन्होंने बताया कि फरवरी अंक में शैक्षिक नवाचार, शिक्षण-अधिगम सामग्री, विद्यालयी गतिविधियों की झलक, प्रेरक लेख, छात्र-छात्राओं की रचनाएँ, कला एवं सृजनात्मक कार्यों के साथ-साथ विभिन्न शैक्षिक योजनाओं की जानकारी और शिक्षा जगत की समसामयिक उपलब्धियों को समाहित किया गया है।उन्होंने कहा कि यह ई-पत्रिका न केवल शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को साझा करने का माध्यम है, बल्कि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘बोधिका’ के माध्यम से विद्यालयों में हो रहे नवाचारों को व्यापक स्तर पर पहचान मिलेगी और अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा प्राप्त होगी।

विमोचन समारोह में संपादन मंडल के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। सुरेन्द्र प्रसाद सिंह एवं रामभजन राम (संभाग प्रभारी, बीईपी, बक्सर), विमल कुमार सिंह (प्लस टू उच्च विद्यालय, लाखनडिहरा), मो. इमाम अली अंसारी (मध्य विद्यालय, नथुनी अहीर के डेरा), डॉ. मृत्युंजय राय (जवाहर ज्योति उच्च विद्यालय, बसुधर), सुगंधा कुमारी (मध्य विद्यालय, धनहा) और रवि प्रकाश (हाई स्कूल, कठार) सहित कई शिक्षाविदों और अधिकारियों ने पत्रिका की उपयोगिता पर अपने विचार रखे।

अंत में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने ‘बोधिका’ के नियमित प्रकाशन की सराहना करते हुए इसे जिले की शैक्षिक उन्नति के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक और सकारात्मक प्रयासों को निरंतर गति देने की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और नवाचारी अवसर मिल सकें।कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक संकल्प के साथ हुआ।