मैट्रिक परीक्षा: प्रशासन की सख्ती, कदाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
17 फरवरी से शुरू हो रही मैट्रिक परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गया है। अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है तथा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
केटी न्यूज/डुमरांव
17 फरवरी से शुरू हो रही मैट्रिक परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गया है। अनुमंडल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई है तथा सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन जांच की जाएगी, ताकि किसी भी तरह के प्रतिबंधित सामान को भीतर ले जाने से रोका जा सके।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कदाचार में संलिप्त पाए जाने पर संबंधित परीक्षार्थी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

साथ ही परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सके। ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य रहेगा और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही प्रवेश दिया जाएगा।अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने दोहराया है कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी।

