चोट, संघर्ष और पारिवारिक विरोध को मात देकर विशाल पांडेय ने बॉडी-बिल्डिंग में रचा इतिहास
जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत सिकरौल गांव के रहने वाले विशाल कुमार पांडेय ने यह साबित कर दिया है कि सच्चा जुनून और निरंतर मेहनत किसी भी बाधा को पीछे छोड़ सकती है। सीमित संसाधन, पारिवारिक असहमति और गंभीर शारीरिक चोट जैसी कठिन चुनौतियों से जूझते हुए विशाल ने बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे बक्सर जिले को गौरवान्वित किया है।
-- लखनऊ में आयोजित मॉन्स्टर मसल इंडिया 2026 में शानदार प्रदर्शन, बक्सर जिले का नाम किया रोशन
केटी न्यूज/बक्सर
जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत सिकरौल गांव के रहने वाले विशाल कुमार पांडेय ने यह साबित कर दिया है कि सच्चा जुनून और निरंतर मेहनत किसी भी बाधा को पीछे छोड़ सकती है। सीमित संसाधन, पारिवारिक असहमति और गंभीर शारीरिक चोट जैसी कठिन चुनौतियों से जूझते हुए विशाल ने बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे बक्सर जिले को गौरवान्वित किया है।10 जनवरी 2026 को लखनऊ में आयोजित प्रतिष्ठित मॉन्स्टर मसल इंडिया 2026 चैंपियनशिप में विशाल कुमार पांडेय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीनियर बॉडीबिल्डिंग वर्ग ( 55 किग्रा भार वर्ग) में मिस्टर यूपी में तृतीय स्थान और मिस्टर लखनऊ में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

इस प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभागियों के बीच विशाल की प्रस्तुति ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। यह उपलब्धि उनके खेल जीवन की दूसरी बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे पूर्व वे एफएमए 4.0 जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं।विशाल का खेल सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पावरलिफ्टिंग से की थी और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई, लेकिन एक गंभीर चोट के कारण उन्हें यह खेल छोड़ना पड़ा। यह दौर उनके जीवन का सबसे कठिन समय था। बावजूद इसके, उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को फिर से खड़ा किया और बॉडीबिल्डिंग को अपना नया लक्ष्य बनाया।

लगातार अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने खुद को इस खेल में साबित किया।शुरुआती समय में उन्हें पारिवारिक विरोध का भी सामना करना पड़ा। उनके पिता जिम जाने से रोकते थे और खेल को लेकर आशंकित रहते थे, लेकिन आज बेटे की उपलब्धियों ने उनका नजरिया बदल दिया है। अब वही पिता विशाल की सफलता पर गर्व महसूस करते हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।खेल उपलब्धियों के साथ-साथ विशाल को स्वामी विवेकानंद पुरस्कार और नेशनल यूथ इंस्पिरेशन अवॉर्ड 2025 जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं। विशाल कुमार पांडेय की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।

