Monday, 2 November 2026
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मनरेगा से बने खेल मैदानों ने बदली ग्रामीण खेल संस्कृति की तस्वीर

बक्सर जिले में खेल संरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का सकारात्मक असर सामने आने लगा है। जिले के 93 पंचायतों के कुल 108 स्थलों पर वॉलीबॉल, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट तथा रनिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया है। प्रशासन की यह पहल ग्रामीण स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज करने और उन्हें सुरक्षित, उपयुक्त प्रशिक्षण स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मनरेगा से बने खेल मैदानों ने बदली ग्रामीण खेल संस्कृति की तस्वीर

-- बक्सर के 108 स्थलों पर कोर्ट व रनिंग ट्रैक निर्माण से उभर रही नई प्रतिभाएं, वरीय उपसमाहर्ता ने किया निरीक्षण

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर जिले में खेल संरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत किए जा रहे विकास कार्यों का सकारात्मक असर सामने आने लगा है। जिले के 93 पंचायतों के कुल 108 स्थलों पर वॉलीबॉल, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट तथा रनिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया है। प्रशासन की यह पहल ग्रामीण स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की खोज करने और उन्हें सुरक्षित, उपयुक्त प्रशिक्षण स्थल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।अक्सर यह देखा जाता था कि सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले युवा सड़क किनारे दौड़ते समय दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते थे।इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मनरेगा के तहत गांवों में खेल मैदानों के निर्माण की योजना को धरातल पर उतारा गया।

मनरेगा से बने खेल मैदानों ने बदली ग्रामीण खेल संस्कृति की तस्वीर

इसका लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को मिल रहा है और वे सुरक्षित वातावरण में अभ्यास कर पा रहे हैं।शुक्रवार को वरीय उपसमाहर्ता सह उपाधीक्षक, शारीरिक शिक्षा आलोक नारायण वत्स ने प्राथमिक विद्यालय, कासिमपुर, गांधी स्मारक उच्च विद्यालय, धनसोई, तथा प्लस टू उच्च विद्यालय, कैथना में निर्मित खेल मैदानों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि कैथना में बने खेल मैदान से स्थानीय खिलाड़ियों को निरंतर लाभ मिल रहा है तथा ग्रामीण स्तर से नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आ रही हैं।अधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार के खेल विभाग द्वारा पंचायत व नगर पंचायत स्तर पर खेल क्लबों की स्थापना की पहल को व्यापक समर्थन मिल रहा है।

मनरेगा से बने खेल मैदानों ने बदली ग्रामीण खेल संस्कृति की तस्वीर

इससे न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल संरचना सुदृढ़ हो रही है, बल्कि युवाओं को संगठित रूप से खेलों से जोड़ने का नया मंच भी उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास बिहार में खेल संस्कृति को नई दिशा देगा और बड़ी संख्या में प्रतिभाएं सामने आएंगी।आलोक नारायण वत्स द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैदान निर्माण से लेकर सुविधाओं के संचालन तक, सभी कार्यों को धरातल पर उतारने का लक्ष्य है। इसका सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है और जिले के युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ा है।

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