पावर प्लांट प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों में तेजी लाने का निर्देश
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह की अध्यक्षता में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन समिति की बैठक शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पावर प्लांट से प्रभावित क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं तथा प्रभावित परिवारों को मिलने वाले लाभों की विस्तार से समीक्षा की गई।

__ सांसद की अध्यक्षता में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन समिति की बैठक, रोजगार, मुआवजा और मूलभूत सुविधाओं की हुई समीक्षा
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह की अध्यक्षता में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन समिति की बैठक शनिवार को समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में पावर प्लांट से प्रभावित क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं तथा प्रभावित परिवारों को मिलने वाले लाभों की विस्तार से समीक्षा की गई।बैठक के दौरान पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।इस दौरान मॉडल विद्यालय के निर्माण, बक्सर नगर भवन के जीर्णोद्धार, चौसा नगर भवन के निर्माण, चौसा प्रखंड में शवदाह गृह की स्थापना, शव वाहन की खरीद, विभिन्न स्थानों पर हाई मास्ट लाइट लगाने तथा सामुदायिक भवन सह विवाह भवन के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

सांसद ने कहा कि पावर प्लांट परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन योजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, उनके कार्यान्वयन में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों, ताकि स्थानीय लोगों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।बैठक में पावर प्लांट से प्रभावित परिवारों को मिलने वाले पुनर्वास अनुदान के वितरण की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रभावित परिवारों के बीच अनुदान राशि के वितरण में तेजी लाई जाए और प्रक्रिया को पारदर्शी तथा सुगम बनाया जाए, ताकि पात्र परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही पावर प्लांट से प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सांसद ने कहा कि परियोजना के कारण जिन क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में ठोस पहल की जाए और प्रभावित परिवारों के युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए।बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। सांसद ने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

इसलिए प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सुथरे पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।इस अवसर पर जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने पर जोर दिया गया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके और लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सके।

