10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में 60 वर्षीय आरोपी दोषी करार, सजा पर फैसला सुरक्षित

बक्सर में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के एक जघन्य मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। पोक्सो कांड संख्या 64/2024 एवं महिला थाना कांड संख्या 14/2024 में नामजद अभियुक्त 60 वर्षीय सिद्धि राम को विशेष पोक्सो न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने दोषी ठहराया। हालांकि सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा गया है, जिसे शीघ्र ही सुनाया जाएगा।

10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में 60 वर्षीय आरोपी दोषी करार, सजा पर फैसला सुरक्षित

-- पोक्सो विशेष अदालत का अहम फैसला, जानलेवा हमले के दो अभियुक्तों ने किया सरेंडर, जमानत खारिज

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर में नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के एक जघन्य मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया है। पोक्सो कांड संख्या 64/2024 एवं महिला थाना कांड संख्या 14/2024 में नामजद अभियुक्त 60 वर्षीय सिद्धि राम को विशेष पोक्सो न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने दोषी ठहराया। हालांकि सजा के बिंदु पर फैसला सुरक्षित रखा गया है, जिसे शीघ्र ही सुनाया जाएगा।विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 5 मार्च 2024 की है। बड़की नैनिजोर गांव की 10 वर्षीय बच्ची सुबह शौच के लिए बांध की ओर जा रही थी।

इसी दौरान गांव के ही रहने वाले सिद्धि राम ने बच्ची को जबरन पकड़ लिया और नहर के दूसरी ओर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। घटना के बाद घायल अवस्था में बच्ची ने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके आधार पर महिला थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को पोक्सो एक्ट की धारा 18 एवं 10 के तहत दोषी करार दिया। इस फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।वहीं दूसरी ओर बक्सर कोर्ट परिसर में एक अन्य गंभीर मामले में भी न्यायिक कार्रवाई देखने को मिली।

बक्सर मुफस्सिल थाना कांड संख्या 5/2026 में नामजद अभियुक्त सुरेश बिंद और मंगरू बिंद ने मंगलवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार की अदालत में आत्मसमर्पण किया। दोनों अभियुक्तों ने जमानत के लिए आवेदन दिया, लेकिन अदालत ने सुनवाई के बाद उसे खारिज कर दिया और दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।आरोप है कि 1 जनवरी को दोनों अभियुक्तों ने धनेश्वरी देवी के घर में घुसकर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया था, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में भी अदालत के सख्त रुख से अपराधियों में कानून का भय स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।