शिक्षा की गुणवत्ता और संस्कारों पर मंथन: अहिरौली में जुटेंगे 300 से अधिक आचार्य
शिक्षा में गुणवत्ता, संस्कार और समग्र विकास को लेकर तीन दिवसीय भोजपुर विभागीय आचार्य सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार से सरस्वती विद्या मंदिर, अहिरौली में हो रहा है। यह सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के अंतर्गत संचालित भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 2 फरवरी तक चलेगा।
केटी न्यूज/बक्सर
शिक्षा में गुणवत्ता, संस्कार और समग्र विकास को लेकर तीन दिवसीय भोजपुर विभागीय आचार्य सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार से सरस्वती विद्या मंदिर, अहिरौली में हो रहा है। यह सम्मेलन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के अंतर्गत संचालित भारती शिक्षा समिति एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति, बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो 2 फरवरी तक चलेगा।सम्मेलन में भोजपुर और बक्सर जिले में संचालित सरस्वती शिशु मंदिरों एवं सरस्वती विद्या मंदिरों से जुड़े लगभग 300 से अधिक आचार्य एवं शिक्षाविद भाग लेंगे।

आयोजन का उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा के साथ-साथ आने वाले सत्र की रूपरेखा तय करना है, ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं छात्र-केंद्रित बनाया जा सके।आयोजन समिति के अनुसार, इस सम्मेलन के दौरान बालक विकास, आचार्य विकास, विद्यालय विकास तथा अभिभावक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। विभिन्न सत्रों में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विद्वान अपने अनुभव साझा करेंगे और बदलते समय के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों पर मार्गदर्शन देंगे।

सम्मेलन में विद्या भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीराम, प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं मार्गदर्शक उपस्थित रहेंगे। इनके द्वारा शैक्षिक नवाचार, नैतिक मूल्यों और संस्कार आधारित शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आवास, भोजन, सत्र संचालन और अनुशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। आयोजकों का विश्वास है कि यह आचार्य सम्मेलन न केवल शिक्षकों को नई दिशा देगा, बल्कि विद्यालयों के समग्र विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा।

