टेढ़की पुल के पास ट्रकों की भिड़ंत में एक ट्रक का चालक गंभीर, रेफर
डुमरांव-बिक्रमगंज राष्ट्रीय राजमार्ग-120 एक बार फिर लापरवाही और अव्यवस्था का गवाह बना। टेढ़की पुल के समीप सोमवार की अल सुबह करीब तीन बजे एक बालू लदा ट्रक खड़ी ट्रक में पीछे से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गया और केबिन पूरी तरह पिचक गया।
-- रूट डायवर्जन के बावजूद डुमरांव के स्टेशन रोड में बेधड़क हो रही है ट्रकों की आवाजाही, गैस कटर से केबिन काटकर निकाला गया फंसा चालक
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव-बिक्रमगंज राष्ट्रीय राजमार्ग-120 एक बार फिर लापरवाही और अव्यवस्था का गवाह बना। टेढ़की पुल के समीप सोमवार की अल सुबह करीब तीन बजे एक बालू लदा ट्रक खड़ी ट्रक में पीछे से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक स्टेयरिंग में बुरी तरह फंस गया और केबिन पूरी तरह पिचक गया।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हालात ऐसे थे कि सामान्य तरीके से चालक को निकालना संभव नहीं था। गैस कटर मंगाकर केबिन काटा गया, तब कहीं जाकर स्टेयरिंग में फंसे चालक को बाहर निकाला जा सका।

घायल चालक की पहचान कोरान सराय थाना क्षेत्र के मुगांव निवासी मुन्ना कुमार उर्फ संतोष सिंह के रूप में हुई है। उसे तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।लेकिन सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं है। शहर में सड़क मरम्मत कार्य के कारण वाहनों को मलियाबाग-जगदीशपुर होकर बिहिया जाने का निर्देश दिया गया था। मरम्मत कार्य अभी अधूरा है, इसके बावजूद भारी वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया। नतीजा, अंधेरे और अव्यवस्थित यातायात के बीच यह हादसा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि डायवर्जन के निर्देश कागजों तक सीमित हैं। न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है, न ही रात में स्पष्ट संकेतक। खड़ी ट्रकों की लंबी कतारें और तेज रफ्तार भारी वाहन एनएच-120 को हादसों का कॉरिडोर बना रहे हैं।प्रभारी थानाध्यक्ष मतेन्द्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर राहत कार्य होने से चालक की जान बच सकी। मगर बड़ा सवाल यही है कि जब मरम्मत अधूरी है तो भारी वाहनों को अनुमति किसने दी। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो टेढ़की पुल अगली बड़ी दुर्घटना का इंतजार करता नजर आएगा।

