चौसा नपं की आमदनी पर संकट, लगातार दूसरे साल सैरात बंदोबस्ती में नहीं लगी बोली
नगर पंचायत चौसा की आय के प्रमुख स्रोत माने जाने वाले सैरातों की बंदोबस्ती एक बार फिर अधर में लटक गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सोमवार को आयोजित खुली डाक की प्रथम बैठक में एक भी बोलीदाता के नहीं पहुंचने से पूरी प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। इससे नगर पंचायत की संभावित राजस्व प्राप्ति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत चौसा की आय के प्रमुख स्रोत माने जाने वाले सैरातों की बंदोबस्ती एक बार फिर अधर में लटक गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सोमवार को आयोजित खुली डाक की प्रथम बैठक में एक भी बोलीदाता के नहीं पहुंचने से पूरी प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। इससे नगर पंचायत की संभावित राजस्व प्राप्ति पर सवाल खड़े हो गए हैं।हॉट-बाजार, मछली बाजार और छोटे-बड़े भाड़े के वाहनों की सैरात की बंदोबस्ती को लेकर पहले से सूचना प्रकाशित की गई थी। इसके बावजूद इच्छुक प्रतिभागियों की अनुपस्थिति से कोरम पूरा नहीं हो सका।

बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष, दंडाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी और सशक्त समिति के सदस्य मौजूद रहे, लेकिन बोली प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी।कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार अब द्वितीय तिथि 18 फरवरी निर्धारित की गई है, जब नगर पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में पुनः खुली डाक आयोजित होगी। कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने बताया कि इसके लिए दोबारा सूचना जारी कर दी गई है और अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी कोरम पूरा नहीं होने से सैरात की बोली नहीं लग सकी थी, जिसके बाद विभागीय स्तर से राशि उगाही की गई थी।

जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 में बस वाहनों की बंदोबस्ती 30 लाख 30 हजार रुपये और हॉट-बाजार की बंदोबस्ती 5 लाख 25 हजार रुपये में हुई थी।लगातार दूसरे वर्ष बोली प्रक्रिया में ठहराव से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बोलीदाताओं की दिलचस्पी क्यों घट रही है। यदि 18 फरवरी को भी स्थिति नहीं बदली, तो नगर पंचायत को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर स्थानीय राजस्व और विकास योजनाओं पर पड़ना तय है।

